वायदे से किया ज्यादा: भूपेश बघेल

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता से जो वायदें किए गए थे, उनसे ज्यादा काम राज्य सरकार ने अपने पांच वर्षों में किया। मुख्यमंत्री ने भारत-24 निजी चैनल के ‘विजन न्यू छत्तीसगढ़‘ कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाया, भूमिहीन मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, लघु वनोपजों और मिलेट्स की समर्थन मूल्य पर खरीदी, उनका प्रसंस्करण और वैल्यूएडिशन, तेन्दूपत्ता का पारिश्रमिक बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा किया। राज्य सरकार ने अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एक लाख 75 हजार करोड़ रूपए की राशि लोगों की जेब में सीधे डाली गई। संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि नक्सल क्षेत्रों में आदिवासियों, व्यापारियों, युवाओं, पत्रकारों, अधिकारियों-कर्मचारियों से बात कर हमने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और सुरक्षा की रणनीति अपनायी। इससे जनता का समर्थन मिला और नक्सली एक छोटे से क्षेत्र में सिमटकर रह गए हैं। नक्सल क्षेत्रों के अंदरूनी गांवों और अबूझमाड़ में सड़कें बनायी गई। पहले इन क्षेत्रों के निवासी मानते थे कि सड़कें पैरा मिलेट्री फोर्स के लिए बनी है, इसलिए सड़के काट दी जाती थी। लेकिन आज सड़कें इन क्षेत्रों के निवासियों की जरूरत बन गई हैं। क्योंकि उनके दोपहिया, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर इन्हीं सड़कों पर दौड़ते हैं। शासन की योजनाओं से जनता के पास पैसे पहुंचे, इससे इन क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आया है। बीजापुर क्षेत्र में जहां पहले सायकल के शो रूम नहीं होते थे, वहां आज ट्रैक्टर के आठ-आठ शो रूम हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वे कराकर ग्रामीणों को मसाहती पट्टे दिए गए, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया। उनकी उपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होने लगी है, भूमि का समतलीकरण हो रहा हैं, सिंचाई पंप लग रहे है। स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं यहां पर विकसित की गई है। पहले इन क्षेत्रों के लोग बात करने से डरते थे। आज ये आंख से आंख मिलाकर बात करते है। आज इन क्षेत्रों में सबसे बड़ी मांग बैंकों और बच्चों की शिक्षा के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूलों की हो रही है।

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