हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती हैं ये आयुर्वेदिक हर्ब्स

नई दिल्ली. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या इन दिनों काफी ज्यादा है। गलत लाइफस्टाइल और जरूरत से ज्यादा तनाव लोगों को ब्लड प्रेशर का मरीज बना रहा है। जिसे कंट्रोल करने के लिए अक्सर दवाओं का सहारा लेना पड़ता है। हाई बीपी की दवाएं एक बार शुरू हो गई हैं तो अक्सर इसे हमेशा खाना पड़ता है। लेकिन हाई बीपी की प्रॉब्लम का सॉल्यूशन आयुर्वेद में भी छिपा है। आयुर्वेद की कुछ जड़ी-बूटियां ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में हेल्प करती हैं।

त्रिफला
त्रिफला आयुर्वेद की बहुत ही असरदार दवा है। जिसका इस्तेमाल पेट के रोगों के अलावा आंखों की रोशनी के लिए भी किया जाता है। इसके साथ ही ये चूर्ण हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी हेल्प करता है। त्रिफला में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो ब्लड सेल्स को ब्लड ठीक से सर्कुलेट करने में हेल्प करती है। आंवला, विभीतिका और हरीतिका को मिलाकर तैयार ये आयुर्वेदिक चूर्ण हाई बीपी में भी असर दिखाता है।

अश्वगंधा
हाई ब्लड प्रेशर का कनेक्शन ज्यादातर मामलों में स्ट्रेस और तनाव से जुड़ा होता है। अश्वगंधा स्ट्रेस और तनाव को कम करने में मदद करती है और एक अच्छी स्लीप मेडिसिन का काम करती है। अश्वगंधा के पाउडर को रोजाना गुनगुने पानी में एक चम्मच मिलाकर पी सकते हैं। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में हेल्प करेगी।

अर्जुन की छाल
अर्जुन के पेड़ की छाल एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है। इस छाल की चाय बनाकर पीने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में राहत मिलती है। अर्जुन की छाल में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है। जिसकी वजह से ये ब्लड सेल्स में आने वाली रुकावट दूर होती है। जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में आराम मिलता है।

चुकंदर का जूस
कई बार हाई बीपी की समस्या शरीर में मैग्नीशियम मिनरल्स की कमी की वजह से होता है। ऐसे में चुकंदर का जूस रोजाना पीना फायदेमंद है। चुकंदर में सारे जरूरी मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं। नाइट्रेट, पोटैशियम, फाइटोकेमिकल और मैग्नीशियम चुकंदर में अच्छी खासी मात्रा में होते हैं। जो सेल्स को ब्लड आसानी से सर्कुलेट करने में हेल्प करते हैं। हाई बीपी का कारण जानने के बाद आयुर्वेदिक नुस्खों को आजमाया जा सकता है।

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