धनबाद के झरिया कोयलांचल में बीसीसीएल की कोयला खदान धंसने से चोरी-छिपे कोयला निकालने वाले करीब डेढ़ दर्जन लोग दब गए. इनमें से तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि 14-15 लोग घायल हुए हैं.
यह हादसा भौरा नामक स्थान पर स्थित खदान में आज तड़के हुआ. इस खदान में देवप्रभा नाम की आउटसोर्सिंग कंपनी माइनिंग करवाती है. बताया जा रहा है कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अवैध खनन कर कोयला निकालते हैं.
शुक्रवार की सुबह अचानक खदान की शाफ्ट (छत) धंसने से हड़कंप मच गया. इनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाद में एक अन्य व्यक्ति की मौत की खबर है. स्थानीय लोगों की मदद से आठ-दस लोगों को कोयले के मलबे के नीचे से निकाल लिया गया, इनमें से कुछ घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है.
इधर, हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने दोनों शवों को रखकर बीसीसीएल भोरा क्षेत्र कार्यालय के सामने गेट जाम कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तस्कर सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अवैध रूप से कोयला खनन करवा रहे थे. मौके पर पहुंचे जोड़ापोखर थाने के इंस्पेक्टर विनोद उरांव ने बताया कि अवैध खनन में कई लोगों के दबे होने की सूचना मिली है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि अवैध खनन का मुंह भरा जा रहा है.
