इंटरनेशनल बैंकों से शुरू हुई चर्चा, 3.8 अरब डॉलर के कर्ज को रिफाइनेंस कराने के चक्कर में अडानी ग्रुप

अडानी ग्रुप लोन को रिफाइनेंस करने के लिए पांच नए अंतरराष्ट्रीय बैंकों को जोड़ने के लिए चर्चा शुरू की है. अडानी ग्रुप पिछले साल एसीसी लिमिटेड और अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के लिए अलग-अलग टेन्योर के 3.8 अरब डॉलर के लोन को रिफाइनेंस करना चाहता है.

अडानी ग्रुप 3.8 बिलियन डॉलर के लोन को रिफाइनेंस में बार्कलेज, ड्यूश बैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसे कर्जदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है. अडानी ग्रुप संभावित नए कर्जदाताओं के साथ बैठक शुरू करेगा.

तीन साल तक रिपेमेंट अवधि बढ़ने की उम्मीद

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, बार्कलेज और ड्यूश बैंक सहित अडानी के मौजूदा उधारदाताओं में से ज्यादातर रिफाइनेंस दौर में भाग लेंगे. समूह ने इस लोन को सिंडिकेट करने के लिए उधारदाताओं के संघ का विस्तार करने के लिए दो ताइवानी बैंकों और एक मलेशियाई बैंक के साथ अन्य लोगों के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जिसके लिए भुगतान अवधि को तीन साल तक बढ़ाने की संभावना होगी.

फरवरी में होगी लोन की पहली किस्त

रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी लेंडर्स के साथ मीटिंग चल रही है और ग्रुप जुलाई के मध्य में कंसोर्टियम के साथ लोन एग्रीमेंट करने का लक्ष्य रख रहा है. ईटी के मेल कोई जवाब नहीं आया है. अडानी समूह के मौजूदा कर्जदाता लोन की शर्तों को फिर से लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर राजी हैं और इसी कारण कर्जदाताओं को जोखिम से बचाने के लिए और बैंकों को शामिल करने के लिए कहा गया है. इस कर्ज की पहली किस्त फरवरी 2024 में भुगतान किया जाएगा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 55 कर्जदाताओं से लोन जुटाए

अडानी ग्रुप ने 1 बिलियन डॉलर मेजेनाइन लोन किश्त को चेंज करने की भी मांग कर रहा है, जिसकी वर्तमान में 24 महीने की परिपक्वता है. हालांकि भारतीय कॉर्पोरेट लोन के खरीदार लंबे समय से सेकेंड्री डेट मार्केट में हैं. बता दें कि अप्रैल में, Reliance Industries और Reliance Jio Infocomm ने लगभग 55 कर्जदाताओं से 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिनमें से एक दर्जन से अधिक ताइवानी बैंक थे.

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