महतारी वंदन के नाम पर भाजपा सरकार घोटाला किया है – दीपक बैज

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने महतारी वंदन के नाम पर घोटाला किया है सरकार का दावा है 68.53 लाख महिलाओं के खाते में पैसा गया है जबकि हकीकत में 25 लाख महिलाओं के खाते मे ही पैसा गया जब महिलाओं के खाते में पैसा नही गया तो किस के खाते मे पैसा गया महिलाओं के नाम पर पैसा किसके खाते में गया?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महतारी वंदन में सरकार का दावा है कुल 7012800 महिलायें पात्र है। तथा सरकार के द्वारा जो आंकड़े जारी किये गये है उसके अनुसार 68.53 लाख महिलाओं के खाते में 636.44 करोड़ का भुगतान किया गया है। सरकार के द्वारा जारी किये गये आंकडे ही बता रहे कि सरकार गलत दावे कर रही है। यदि सही में 68.53 लाख महिलाओं के खाते में पैसा डाला गया तो प्रति महिला 1000 रू के हिसाब से कुल भुगतान 685.3 करोड़ का होता न कि 636.44 करोड़ का सरकारी जारी आंकड़ों के हिसाब से 48.86 करोड़ रू कम का भुगतान किया गया है 48.86 करोड़ का भुगतान का मतलब है 4886000 महिलाओं भुगतान नही मिला है, यह तो सरकार के जारी आंकड़े हकीकत बयान कर रहे है, लेकिन इस मामले में सच इससे भी अलग है सरकार का दावा भले ही 68 लाख महिलाओं को भुगतान किये जाने का है हकीकत में 25 लाख महिलाओं के खातें में राशि पहुंची है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलो से, मुहल्ले, वार्डो में जिन महिलाओं ने आवेदन किया है उनमे से 30 प्रतिशत महिलाओं के खाते में ही पैसे आये 70 प्रतिशत महिलाओं को पैसा नही मिला है। लोकसभा चुनावों को देखते हुये सरकार झूठे दावे कर मोदी की गारंटी पूरा करने का दंभ कर रही है, सरकार को कांग्रेस पार्टी चुनौती देती है जिन 68 लाख महिलाओं के खाते में अभी तक पैसे पहुंचे है उनकी सूची सार्वजनिक की जाये, सारी सच्चाई सामने आ जायेगी। सरकार 24 घंटे के अंदर सभी लाभार्थी महिलाओं के नाम सार्वजनिक करे। प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं की है जिसमें से लगभग 1 करोड़ महिलायें विवाहित है सरकार के दायरे में मात्र 70 लाख महिलाये आई है 30 प्रतिशत महिलाओं को तो पहले ही छोड़ दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही धोखेबाजी का रहा है। विधानसभा चुनाव में फार्म भरवा कर हर विवाहित महिला को सरकार बनते ही 1000 रू देने का वायदा किया सरकार बनने के बाद नियम शर्ते लगा दिया ताकि कम से कम महिलाओं को लाभ मिल सके, जब वायदा सभी महिलाओं को देने का था फिर इसमे कटौती क्यो की गयी? दिसंबर में सरकार बनी तो महिलाओं को जनवरी से मार्च तक तीन माह का पैसा मिलना था लोकसभा चुनाव को देखते हुये पहली किश्त दे तो दिया लेकिन सिर्फ एक चौथाई महिलाओं को चुनाव के बाद किसी भी एक रू नही देने वाले है।

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