भारत बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी शक्ति लगा रहा है।
श्री मोदी ने सोमवार को नौसेना दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में आयोजित समारोह में कहा कि भारत बड़े लक्ष्य तय कर रहा है और इन्हें पाने के लिए पूरी ताकत भी लगा रहा है। उन्होंने कहा , “ भारत के पास इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक बड़ी ताकत है। ये ताकत 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास की है। ”
उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास विजय , शौर्य , ज्ञान और विज्ञान , कला और सृजन कौशल और समुद्री सामर्थ्य का इतिहास है।
दुनिया भर में भारत की ‘विश्व मित्र’ की उभरती छवि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “ आज दुनिया को भारत में विश्व मित्र का उदय होता दिख रहा है। आज स्पेस हो या फिर समंदर हर जगह दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिख रहा है। ”
देश के रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा ,“ आज मेड इन इंडिया की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। तेजस विमान हो या किसान ड्रोन , यूपीआई सिस्टम हो या फिर चंद्रयान 3 , हर जगह , हर सेक्टर में मेड इन इंडिया की धूम है। ”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सागरमाला के तहत बंदरगाह आधारित विकास में जुटा है। देश ‘मैरीटाइम विजन” के तहत अपने सागरों के पूरे सामर्थ्य का इस्तेमाल करने की ओर बढ रहा है।
सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढाने के प्रति सरकार की वचनबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा , “ हम सशस्त्र बलों में नारी शक्ति की संख्या बढाने पर भी जोर दे रहे हैं। मैं नौसेना को बधाई दूंगा कि आपने युद्धपोत में देश की पहली महिला कमांडिंग अफसर की तैनाती की है। ”
श्री मोदी ने कहा कि छत्रपति वीर शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेते हुए भारत, गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नौसेना अपने रैंक का नामकरण भी अब भारतीय परंपराओं के अनुरूप करने जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर छत्रपति शिवाजी महाराज भी नौसेना की ताकत को पहचानते थे और उन्हें पता था कि किसी भी देश के लिए समुद्री सामर्थ्य कितना जरूरी होता है।
श्री मोदी ने इस मौके पर राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने तारकरली समुद्र तट पर सिंधुदुर्ग से नौसेना के युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों की संचालन संबंधी क्षमता का प्रदर्शन भी देखा।

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