रायपुर. लोकसभा चुनाव के ठीक पहले छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाकों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों को राज्य सरकार ने सुरक्षा प्रदान करने की घोषणा कर दी है। बीते दिनों दो भाजपा नेताओं की हत्या के बाद राज्य सरकार ने पार्टी के भाजपा नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। यह वह नेता होंगे जो लोकसभा के चुनाव में प्रचार प्रसार में लगेंगे। जिन्हें राज्य सरकार सुरक्षा के घेरे में रखने का काम करेगी।
गृहमंत्री शाह से की थी सुरक्षा की मांग
बता दे कि छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की ओर से बस्तर संभाग के 7 जिलों में रहने वाले 43 भाजपा नेताओं को Y+,Y, और X श्रेणी की सुरक्षा देने का आदेश जारी किया गया है। बस्तर संभाग अंतर्गत आने वाले जिले जिनमें सुकमा,कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर और नारायणपुर शामिल है। बतादें कि राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाके बस्तर संभाग के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने की पहल तब शुरू की जब भाजपा के नेताओं के द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार की तरफ से पुलिस विभाग ने सभी को सुरक्षा देने के लिए आदेश जारी कर दिया है।
विधानसभा चुनाव के पहले से शुरू हुआ भाजपा नेताओं की हत्या का सिलसिला
विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार नक्सली भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को निशाना बना रहे हैं। पिछले साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के द्वारा साथ भाजपा नेताओं की हत्या की गई थी। भाजपा नेता की हत्या की शुरुआत साल 2023 से हुई थी। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा सीट अंतर्गत आने वाले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सलियों ने सरखेड़ी गांव के पास भाजपा नेता बिरजू तरण की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा था कि बिरजू जब पूजा करके लौट रहे थे तब नक्सलियों ने आकर उन्हें गोली मार दी थी। वहीं नारायणपुर जिले में बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष रतन दुबे की हत्या नक्सलियों ने की थी। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने उस वक्त उनकी हत्या की जब वह पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। वही हाल ही में बीजापुर जिले में माओवादियों ने जनपद सदस्य तिरुपति कटला की हत्या की थी। बताया जा रहा है कि जब तिरुपति कटला शादी समारोह से लौट रहे थे उसे वक्त उनकी हत्या की गई थी।
केंद्र की तर्ज पर मिली सुरक्षा
लगातार भाजपा नेताओं की हत्या के बाद राज्य सरकार ने अब भाजपा के 43 नेताओं को सुरक्षा प्रदान कर दी है। जिस तरह से केंद्र सरकार चुनाव के वक्त भाजपा नेताओं को दंतेवाड़ा सुकमा और बस्तर में सुरक्षा माहिया कराई थी। कुछ उसी तर्ज पर इस बार छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने नेताओं के लिए खतरों को देखते हुए सुरक्षा देने की घोषणा की है।
