विष्णु का सुशासन तो दूर विष्णु की सरकार कही नहीं दिख रही
बजट देश को निराश करने वाला मध्यम वर्ग पर बोझ-दीपक बैज
रायपुर : राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि
भाजपा की विष्णुदेव सरकार 7 माह में विफल साबित हो गई। राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर हावी है। विष्णुदेव सरकार की विफलताओं की पूरी श्रृंखला है। साय सरकार के 7 माह में विष्णु का सुशासन तो दूर विष्णु की सरकार कही नहीं दिख रही।
कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी। एसपी कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया। हत्याओं का नया रिकॉर्ड बन गया। प्रदेश में मॉब लिंचिंग शुरू हो गयी आरंग में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या हो गयी। राजधानी में गोली बार हो रही है। गौ तस्करी की घटनाएं शुरू हो गयी।महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गयी, पोटाकेबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेड़खानी हो गयी। बलात्कार, सामूहिक बलात्कार की घटनायें बढ़ गयी।
लूट, अपराध, डकैती, चाकूबाजी की घटनायें बढ़ गयी। अपराध और अपराधी बेलगाम हो चुके है। नक्सलवादी घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गयी। नक्सली घटनायें बढ़ गयी सरकार ने 7 माह में कोई घोषित नक्सल नीति नहीं बनाया। रोज नक्सली हत्यायें कर रहे सरकार बयान देने तक सीमित है। रेत के दाम तीन गुना बढ़ गये। भाजपाई सत्ताधीशों और रेत माफियाओं के बीच सांठगांठ हो गयी है, रेत के कारोबार में रोज खून बहाया जा रहा है। साय सरकार के 7 माह में हत्या की 499, अपराधिक मानव वध की 21, बलवा की 372, डकैती की 23, लूट की 204, गृहभेदन की 1885, चोरी की 3939, बलात्कार की 1291, शीलभंग/यौन उत्पीड़न/छेड़छाड़ की 803 घटनायें हुई है। गोलीबारी, चाकू, चेन स्नेचिंग का तो हिसाब ही नहीं है।
रिमोट कंट्रोल सरकार है विष्णुदेव सरकार। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र शासित सरकार बन गयी है। सरकार के सारे फैसले पीएमओ से लिये जा रहे है। महतारी वंदन में माताओं, बहनों से धोखा, 25 प्रतिशत माताओं के खाते में पैसा गया, शेष घूम रही है। साय सरकार 7 माह में ही अलोकप्रिय साबित हो रही है। साय सरकार की विफलता और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कल 24 जुलाई को हम विधानसभा का घेराव करने जा रहे है। जनता के जानमाल की सुरक्षा दे पाने में साय सरकार नाकाम साबित हो गयी है। ऐसी निकम्मी सरकार को सत्ता से उतारने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
