“भारत और यूरोपीय Union में 18 साल बाद हुआ व्यापार समझौता: पीएम मोदी ने कहा – ‘यह समझौता वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देगा।’”

भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की संभावना है। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है।

यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है। इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।

“यह समझौता दुनिया में स्थिरता लाएगा”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर कहा कि यह समझौता ऐसे समय में पूरी दुनिया को स्थिरता देगा जब चारों ओर उथल-पुथल का दौर कायम है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता वैश्विक भलाई के लिए साझा समृद्धि का एक खाका है। मोदी भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (ATF) की वार्ता संपन्न होने के बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

साझा आर्थिक विकास का नया मार्ग

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि दुनिया की भलाई और साझा आर्थिक विकास का नया मार्ग है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि के लिए एक नया खाका है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता संपन्न किया है। वैश्विक वातावरण में उथल-पुथल का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ”भारत-ईयू विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेंगे। भारत-ईयू सहयोग वैश्विक भलाई के लिए एक साझेदारी है।”

अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता

कोस्टा ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए दो अरब लोगों के बाजार के लिए अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-ईयू शिखर सम्मेलन दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत और यूरोपीय संघ भरोसेमंद भागीदारों के रूप में साथ खड़े हैं। कोस्टा ने यह भी कहा कि ”हम यूक्रेन में संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति कायम करने में मदद के लिए आप (मोदी) पर भरोसा करते हैं।”

असुरक्षित दुनिया को सुरक्षित महसूस करेगी

वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत-यूरोप साझेदारी उस समय रणनीतिक निर्भरता को कम करेगी, जब वैश्विक व्यापार का तेजी से राजनीतिकरण और हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ”हम तेजी से असुरक्षित होती दुनिया में अपने लोगों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।” लेयेन ने कहा कि भारत का उदय हुआ है और यूरोप इससे वास्तव में खुश है।

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