गौ सेवक से मारपीट के आरोप पर बवाल, सतनामी समाज ने थाने का किया घेराव, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

आरंग। आरंग थाना में आज उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब सैकड़ों की संख्या में सतनामी समाज के लोग आरंग थाने के बाहर एकत्र हुए और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। समाज का आरोप है कि कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा और उसके साथियों ने समाज के एक व्यक्ति के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि पुलिस थाने के सामने ही उसके साथ मारपीट की।

वर्तमान में आरंग थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले कथित गौ सेवकों ने ग्राम गुदगुदा में भैंसों से भरे एक वाहन को पकड़ा था। इसी मामले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। आरोप है कि आज इसी बात पर कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा ने ग्राम गुदगुदा निवासी बलराम कुर्रे (सतनामी समाज के सदस्य) के साथ सरेआम गाली-गलौज की और उसके साथ मारपीट की।

वायरल वीडियो से भड़का आक्रोश

घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गोल्डी शर्मा द्वारा बलराम कुर्रे के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करते देखा जा सकता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरी मारपीट पुलिस थाने के ठीक सामने अंजाम दी गई। घटना की खबर फैलते ही सतनामी समाज के लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में आरंग थाना पहुंच गए।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के लोगों ने मांग की है कि गोल्डी शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ तत्काल कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है कि वे कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने थाने के सामने ही वारदात को अंजाम दे डाला। थाने के घेराव और बिगड़ते माहौल को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आरंग थाने में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर तैनात कर दिया गया है।

बातचीत का दौर जारी

तनाव को कम करने के लिए पुलिस के आला अधिकारी सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ बंद कमरे में बातचीत कर रहे हैं। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण अभिषेक कुमार झा का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।