सुकमा. नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. चिंतलनार थाना क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल के पहाड़ी-जंगल इलाके में जवानों ने नक्सली डंप बरामद किया. 5 सितंबर को मिले इनपुट के बाद सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी. जंगल में संदिग्ध सामान मिलने के बाद इलाके की सुरक्षित तरीके से तलाशी ली गई. डंप से हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली. बरामद सामान में भरमार बंदूक, 57 बीजीएल पाइप, डेटोनेटर, शॉक ट्यूब और गन पाउडर शामिल हैं. इसके अलावा वायरलेस सेट, बैटरियां, इलेक्ट्रिक वायर, सर्किट बोर्ड और पावर इन्वर्टर भी बरामद हुआ. जवानों को नक्सली साहित्य, झंडा, काली यूनिफॉर्म, बेल्ट और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिली. जंगल में छिपाकर रखा गया यह सामान सुरक्षा बलों के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी. कार्रवाई सहायक कमांडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने की. सर्चिंग अभियान के दौरान बरामदगी को नक्सली नेटवर्क के खिलाफ अहम सफलता माना जा रहा है.
सड़क पर बस रोककर चालक-परिचालक से मारपीट, आठ पर एफआईआर
जगदलपुर. कोड़ेनार थाना क्षेत्र में सड़क पर बस रोककर चालक और परिचालक से मारपीट करने का मामला सामने आया है. आमचो बस्तर ढाबा के सामने तिरथुम गांव में कृष्णा ट्रेवल्स की बस को आरोपियों ने जबरन रोक लिया. बस रुकते ही आरोपियों ने चालक और परिचालक को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी से बस में सवार यात्रियों के बीच भी दहशत फैल गई. अचानक हुए घटनाक्रम से कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की शिकायत मिलते ही कोड़ेनार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने आठ आरोपियों को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे क्षेत्र में दबदबा और भय कायम करने की कोशिश की बात सामने आई है. टीआई विजय पटेल ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है.
कोंटा में विकास परियोजनाओं को लेकर सवाल
सुकमा. कोंटा में सोमवार को बस्तरिया राज मोर्चा ने स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. मोर्चा के बैनर तले आयोजित किसान रैली और धरना-प्रदर्शन में कई अहम मुद्दे उठाए गए. पोलावरम परियोजना से संभावित विस्थापन, जमीन अधिग्रहण और प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर चिंता जताई गई. मोर्चा ने दावा किया कि परियोजना से कोंटा सहित आसपास के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं. विस्थापन से पहले पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के भविष्य की स्पष्ट योजना बनाने की मांग की गई. इस साल कम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत और सर्वे कराने की मांग भी उठी. वनभूमि पर लंबे समय से खेती कर रहे पात्र परिवारों को वनाधिकार पट्टा देने का मुद्दा भी सामने आया. मोर्चा ने प्रस्तावित रेल लाइन के उद्देश्य और उससे जंगल-जमीन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठाए. जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील भी की गई. कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की गई. मोर्चा ने स्पष्ट किया कि विकास के साथ स्थानीय लोगों के अधिकार और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए.
दुकान का दरवाजा उखाड़कर तांबा चोरी, आरोपी गिरफ्तार
कांकेर. पखांजूर में वाइंडिंग दुकान से तांबा चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पीव्ही-33 चौक स्थित दुकान में चोर ने रात के अंधेरे में टीन का दरवाजा उखाड़कर प्रवेश किया था. 10 और 11 अगस्त की दरम्यानी रात दुकान से करीब 10 से 11 किलो कापर तार चोरी हुआ था. चोरी गए तार की कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई थी. शिकायत के बाद पुलिस ने आसपास के संदिग्धों और वारदात से जुड़े सुरागों की जांच शुरू की. विवेचना के दौरान पुलिस को पीव्ही-36 चांदीपुर निवासी 29 वर्षीय मुकुल मंडल पर संदेह हुआ. पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली. उसकी निशानदेही पर घर के पीछे छिपाकर रखा करीब 2 किलो तांबा तार बरामद किया गया. पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल पीले रंग की बिना नंबर मोटरसाइकिल भी जब्त की है. 7 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पखांजूर पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
गोवर्धन लीला से मिला अहंकार छोड़ने का संदेश
जगदलपुर. धरमपुरा के शौंडिक भवन कंगोली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ जीवन का गहरा संदेश मिला. कथा व्यास अनादि जी महाराज ने गोवर्धन लीला के जरिए मनुष्य को अहंकार से दूर रहने की सीख दी. उन्होंने कहा कि पद, प्रतिष्ठा और उपलब्धियां मनुष्य को मिली जिम्मेदारियां हैं, इन्हें लेकर अहंकार नहीं होना चाहिए. गोवर्धन लीला बताती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है. मनुष्य अपने कर्म जरूर करता है, लेकिन अंतिम परिणाम उसके हाथ में नहीं होता. महाराज ने कहा कि सफलता मिलने पर स्वयं को कर्ता मानने के बजाय परमात्मा के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए. कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोपियों के निष्काम प्रेम का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया. उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति किसी स्वार्थ या अपेक्षा पर आधारित नहीं होती. जब मनुष्य अपने कर्म और भाव परमात्मा को समर्पित करता है, तभी जीवन में वास्तविक आनंद आता है. भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में डूबे नजर आए. राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा कथा परिसर भक्तिमय बना रहा.