पैरों में दर्द के साथ पिंडलियों में नीली नसों के उभरने की शिकायत, तो खानपान में करें ये बदलाव

त्योहारों का सीजन चल रहा है। बहुत सारी महिलाएं दिन के कई घंटे खड़े होकर काम करती हैं। जिसकी वजह से पैरों में दर्द होने लगता है। पैरों में दर्द के साथ ही कुछ महिलाओं को पिंडलियों में नीली नसों के उभरने की शिकायत होने लगती है। साथ ही इसमे काफी असहनीय दर्द होता है। इन नीली नसों को वेरिकोज वेंस कहते हैं। वेरिकोज वेंस के उभरने का कारण शरीर में फाइबर की कमी भी होती है। दरअसल, खानपान में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की ज्यादा मात्रा और फाइबर की कमी स्टूल पास करते वक्त नसों में खिंचाव पैदा करती है और गुदा के निचले हिस्से के नसों पर प्रेशर पड़ता है और उन्हें डैमेज कर देता है। जिसकी वजह से केवल हीमोरॉइड्स ही नहीं बल्कि वेरिकोज वेंस की भी शिकायत हो जाती है। इन दर्दभरी नीली नसों से निपटने के लिए ये उपाय काम आ सकते हैं।

क्यों होती है वेरिकोज वेंस
वेरिकोज वेंस कमजोर और खराब हो चुकी नसें होती है। जिनमे खून की सप्लाई बंद हो जाती है। हार्ट से खून जब पंप होकर इन नसों में ठीक से नहीं पहुंचता तो ये बिल्कुल शिथिल पड़ जाती हैं। वेरिकोज वेंस के लिए ये कारण जिम्मेदार होते हैं।
-लगातार कई घंटे बैठे रहना
-या, कई घंटे लगातार खड़े रहना
-बहुत कम मात्रा में फिजिकल वर्क करना
-मोटापा
-बहुत ज्यादा वजन
-प्रेग्नेंसी,
-और बढ़ती उम्र
-फैमिली हिस्ट्री होने पर भी वेरिकोज वेंस हो जाते हैं।
-शरीर में फाइबर की कमी

वेरिकोज वेंस को होने से कैसे रोका जा सकता है
वेरिकोज वेंस को रोकने के लिए डायटीशियन फाइबर रिच फूड्स को खाने की सलाह देते हैं। जिन्हें फॉलो करने से इन नीली नसों की समस्या को कम किया जा सकता है।

फाइबर रिच फूड्स
डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, बादाम, पंपकिन सीड्स, सेब, लाल अंगूर, एवाकॉडो, ड्राई फ्रूट्स को खाएं। इनमे मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण, प्रोटीन और विटामिन के साथ फाइबर की मात्रा, ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने का गुण वेरिकोज वेंस की समस्या को नहीं होने देता। साथ ही हाई फाइबर सोर्स होने की वजह से रेक्टम में ज्यादा दबाव नहीं होता। जिससे केवल बवासीर ही नहीं बल्कि वेरिकोज वेंस भी नहीं होता।

दालचीनी, हल्दी और अदरक
इन तीन मसालों को डाइट में जरूर लें। दालचीनी खून की नसों को सिकुड़ने से बचाती है। जिससे उनमे ब्लड फ्लो आसानी से पूरे शरीर में हो पाता है। वहीं अदरक में मौजूद फाइब्रिन ब्लड वेसल्स में आसानी से फैलता है। खासतौर पर फ्रेश अदरक नसों को सेहतमंद रखने और शिथिल पड़ने से रोकती है।

कुट्टू खाएं
कुट्टू केवल व्रत में ही नहीं बल्कि हेल्दी रहने के लिए डेली डाइट में खाया जा सकता है। इसमे मौजूद रुटिन स्टूल पास करते वक्त नसों में होने वाले खिंचाव को कम करता है।

वेरिकोज वेंस में इन चीजों से करें परहेज
अगर पैर की नसें नीली होकर दर्द करती हैं तो इस तरह के फूड्स को भूलकर भी ना खाएं।

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट सेहत के लिए हर तरह से नुकसानदेह है। इसे खाने से शरीर में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। और नसों में खिंचाव पैदा होता है।

प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा चीनी वाले फूड्स
केक, पेस्ट्रीज, चॉकलेट, कुकीज जैसे फूड्स जिसमे अलग से मिठास डाली जाती है। उन्हें खाने से दूर रहें।

फ्राईड फू़ड्स
फ्रेंच फ्राईज और चिकन विंग्स ही नहीं पूड़ी, पकौड़ी जैसे तली चीजों से दूर रहें। ये पचने में मुश्किल होती है और इनमे फाइबर की मात्रा ना के बराबर होती है। वेरिकोज वेंस का कारण फाइबर की कमी है तो भूलकर भी ये फूड्स ना खाएं।

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