राजनांदगांव में धान की कस्टम मिलिंग में परिवहन घोटाले की आशंका

राजनांदगांव जिले का धान भेज रहे 350 किमी स्थित रायगढ़ व 250 किमी दूर जांजगीर

कस्टम मिलिंग के लिए राज्य शासन द्वारा स्थानीय राइस मिलो को धान देने के बजाए भेजा जा रहा दूर

शैलेश आनंद सोजवाल

रायपुर/राजनांदगांव| राजनांदगांव जिले में धान की कस्टम मिलिंग को लेकर जमकर गडबडी हो रही है, जिस तरह से राजनांदगांव से दूरस्थ जिले रायगढ़ और जांजगीर चांपा के लिए डीओ काटकर धान भेजा जा रहा है ऐसे में पूर्व की तरह फिर से परिवहन घोटाले की आशंका है, जानकार मान रहे है कि कागजो में धान का परिवहन हो रहा है बाकी धान स्थानीय स्तर पर ही बिक रहा है अगर इस मामले की जांच हुई तो बड़ी गडबडी सामने आएगी|

इस बार कस्टम मिलिंग के लिए राज्य शासन द्वारा स्थानीय राइस मिलो को धान देने के बजाए तक़रीबन 8 लाख क्विंटल धान राजनांदगांव से 350 किमी स्थित रायगढ़, 250 किमी दूर जांजगीर के अलावा रायपुर, दुर्ग और धमतरी के राइस मिलो को अब तक दिया जा चूका है जिसमे परिवहन के रूप में ही कई करोड़ रूपए खर्च हो चुके है| सूत्रों की माने तो राजनांदगांव के राइस मिलर्स गत वर्ष तक़रीबन 52 लाख क्विंटल धान की कस्टम मिलिंग की थी इस वर्ष जिस तरह से धान बाहर जा रहा है उसको देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि पिछले साल जितना भी राजनांदगांव जिले में कस्टम मिलिंग नहीं हो पाएगी राजनांदगांव में 75 राइस मिल कस्टम मिलिंग के लिए तैयार है लेकिन स्थानीय स्तर पर धान न देकर दूर भेजने से परिवहन घोटाले की आशंका बलवती है| इस मामले में जिला विपणन अधिकारी राठौर को संपर्क करने पर उन्होंने फ़ोन का जवाब नहीं दिया है|

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