छात्रा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पढ़ाई के लिए मामा के घर रह रही थी

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा में किसी कारणवश कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजन कमरे में पहुंचे तो शव फंदे पर लटक रहा था. उसे फंदे से नीचे उतार आनन फानन मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत छात्रा को मृत घोषित कर दिया. मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के मुताबिक, बालको थानांतर्गत नया रिस्दा भदरापारा में तीजराम यादव परिवार सहित निवास करता है. वह बालको में कार्यरत है. घर में उसकी भांजी यामनी यादव (16 वर्ष) और उसकी एक सहेली रह रही थी. दोनों स्थानीय विद्यालय में कक्षा 11 वीं में अध्ययनरत थे. बुधवार की सुबह तीजराम काम पर चला गया. घर के सभी सदस्य अपने अपने काम में व्यस्त थे, जबकि यामनी अपने कमरे में सो रही थी. परिजनों को लगा कि तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह सो रही है. दोपहर में जब तीजराम खाना खाने घर पहुंचा तो यामनी के संबंध में पूछताछ की तो उसके कमरे में होने की जानकारी मिली. कमरे में पहुंचे तो देखा कि यामिनी फंदे पर लटकी हुई थी.

परिजनों ने आनन-फानन में छात्रा को फंदे से नीचे उतारा और मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले आया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताली मेमों मिलने पर बालको पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया. मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

घर के म्यार में फांसी लगाकर दी जान

मृतिका के मामा विकास यादव ने बताया कि निजी कंपनी में वाहन चलाता है और काम पर गया हुआ था. जहां फोन कर उसे जानकारी दी गई कि यामिनी ने घर के म्यार में फांसी लगाकर जान दे दी है. जिसके बाद वह मौके पर पहुचे. उसे लगा कि उसकी तबीयत खराब है और घर पर सोई होगी.

यामिनी की एक बहन और एक भाई है. वह तीनों में सबसे बड़ी थी. पढ़ाई के सिलसिले में पिछले 1 साल से पहुंची हुई थी. बालको थाना से जानकारी दी कि परिजनों का बयान दर्ज किया गया है. आगे की जांच कार्रवाई जारी है.

वह बड़ी दीदी की सबसे बड़ी बेटी थी और पढ़ाई लिखाई में होशियार थी लेकिन उसने यह घातक कदम कब कैसे और किन परिस्थिति में उठया है यह समझ से परे है.

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