जिन्होंने गणना पत्रक भरा, दस्तावेज जमा किए, उनके नाम भी नहीं
रायपुर। एसआईआर के तहत प्रकाशित मतदाता सूची ड्राफ्ट में छत्तीसगढ़ के 27 लाख 34 हजार से अधिक वोटरों के नाम हटाए जाने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक लाभ के लिए गहन पुनरीक्षण अभियान के नाम पर मतदाता चुने जा रहे हैं, सत्ताधारी दल के इशारे पर फिल्टर लगाकर नाम काटे गए हैं, लाखों मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम 2003 के मतदाता सूची में था, उन्होंने गणना पत्रक भी समय पर भरा, आवश्यक दस्तावेज भी लगाए, लेकिन उनका नाम प्रकाशित मतदाता सूची ड्राफ्ट में गायब है। स्थिति यह है कि केवल रायपुर जिले के आठ विधानसभा में 5 लाख 11 हजार 136 वोट दुर्भावना पूर्वक काट दिए गए। इसके विपरीत ऐसे लाखों मतदाता जो छत्तीसगढ़ में वर्तमान में निवासरत नहीं है, जिन्होंने कोई दस्तावेज भी नहीं दिया, उनके नाम वर्तमान प्रकाशित ड्राफ्ट में अभी भी मौजूद है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र है और निर्वाचन आयोग भाजपा के एजेंट की भूमिका में काम कर रही है।
छत्तीसगढ़ में एसआईआर की प्रक्रिया को भाजपा प्रायोजित मतदाता चयन अभियान करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि एसआईआर की दुर्भावनापूर्ण प्रक्रिया में सर्वाधिक नुकसान आरक्षित वर्गों का हो रहा है अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन मजदूरों के नाम बड़ी संख्या में काटे जा रहे हैं। मतदाता सूची शुद्धिकरण का झांसा देकर लाखों की संख्या में आम गरीब वोटरों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। रोजी मजदूरी करने प्रवासी मजदूरों के नाम बड़ी संख्या में हटा दिए गए। यह सरकार एसआईआर के नाम पर अपने अनुकूल मतदाता चयन अभियान चला रही है।
सुशील आनंद शुक्ला
अध्यक्ष कांग्रेस संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
