रायपुर : प्रदेश व देश में इन दिनों डिजिटल मीडिया के तथाकथित पत्रकारों द्वारा बिना हकीकत जाने किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति के विषय में अर्नगल प्रलाप लिख कर प्रतिष्ठा को धूमिल करने का मानो चलन ही शुरू कर दिया है| सोशल मीडिया में कोई खबर ऐसी फैलती है जैसे जंगल में आग लग गई हो| एक ऐसा ही मामला महासमुंद जिले में भी आया है जहा एक डॉक्टर अपनी महिला मित्र से किसी बात को लेकर अनबन होने के बाद पुलिस थाने तक मामला पहुच गया जहा कुछ समय बाद ही डॉक्टर और उनके मित्र की आपसी सुलह भी हो गई मगर क्षेत्र के तथाकथित पत्रकारों को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने पुरे मामले को ही अलग रूप दे दिया जिसके चलते प्रतिष्ठित डॉक्टर की छबी धूमिल हो गई|
मामला कुछ इस तरह है कि महासमुंद जिले पिथौरा इलाके में जायसवाल मल्टी स्पेशलिस्टी हॉस्पिटल है जहा डॉक्टर विजय जायसवाल मरीजो का बेहतर ईलाज करते है, मरीजो का उचित ईलाज करने व मरीजो को लाभ मिलने की वजह से क्षेत्र में डॉक्टर जायसवाल की प्रतिष्ठा भी काफी है| बीते दिनों डॉक्टर की एक महिला मित्र उनसे मिलने हॉस्पिटल पहुची थी जहा आपसी अनबन होने की वजह से दोनों के बीच बहस व कहासुनी हो गई जो बढ़कर पुलिस थाने तक पहुच गई| डॉक्टर और उनकी महिला मित्र का कुछ समय बाद आपसी सुलह भी हो गया मगर यह मामला क्षेत्र के तथाकथित पत्रकारों तक पहुच गई जिसके बाद इस मामले को अलग रूप देकर डॉक्टर को बदनाम करने की कोशिश की गई जबकि सच्चाई किसी ने भी जानने की कोशिश नहीं की| पत्रकारिता एक स्वच्छ ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ पेशा है मगर तथाकथित पत्रकारों द्वारा पत्रकारिता की आड़ में केवल अपना स्वार्थ सिद्ध करने किसी की भी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है जो पत्रकारों के मूल्यों का हनन कर रहा है|
