हाल-बेहाल व्यवस्था: खिलाड़ियों के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बना सिंथेटिक ट्रैक हैंडओवर से पहले ही दरक गया, ट्रैक पर उग आई झाड़ियाँ

महासमुंद। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए खेलो इंडिया के तहत करोड़ों रुपए की लागत से महासमुंद जिले में बनाया गया सिंथेटिक ट्रैक हैण्ड ओवर से पहले ही क्रेक हो गया है. मैदान पर छोटी-छोटी झाड़ियां उग आई हैं. रही-सही कसर शाम को असामाजिक तत्वों के जमावड़े से पूरी हो जा रही है. खिलाड़ियों ने गुणवत्ताविहिन निर्माण का आरोप लगाते हुए ट्रैक पर फिजूल की गतिविधियों को बंद करने की मांग की है.

महासमुंद जिले के एथलीटों को बारह माह अभ्यास करने व सुविधायुक्त सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध कराने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा खेलो इंडिया के तहत 6 करोड़ 60 लाख एवं जिला खनिज न्यास मद से 1 करोड़ रुपए कुल 7 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत हुई. वन विभाग के खेल परिसर में निर्माण होने वाले सिंथेटिक ट्रैक के लिए कार्य एजेंसी छत्तीसगढ़ निर्माण मण्डल संभाग महासमुंद को बनाया गया है.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल ने वर्ष 2022 में वर्क ऑर्डर जारी करते हुवे मेसर्स आकृति कस्ट्रक्शन रायपुर को ठेका दिया. ठेकेदार ने जनवरी 2023 में सिंथेटिक ट्रैक बनाने का कार्य शुरु किया, जिसे 9 माह में पूर्ण करना था, लेकिन जनवरी 2026 (27 माह बाद भी) तक न तो कार्य पूर्ण हुआ, और न ही किसी विभाग को रखरखाव के लिए हैण्डओवर किया गया है.

आज ट्रैक में कई जगहों पर क्रेक दिखाई दे रहा है. खाली मैदान में छोटे-छोटे झाड़ उग आए हैं. शाम के वक्त असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है. आम लोग ट्रैक पर क्रिकेट, योगा आदि खेल खेलते रहते हैं, जिसके कारण शासन के करोड़ों रुपयों से बना सिंथेटिक ट्रैक बर्बाद हो रहा है, और तीनों जिम्मेदार विभाग (खेल एवं युवा कल्याण विभाग, वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल) आंख मूंदे हैं.

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