दुर्ग। प्रदेशवासियों को साइबर क्राइम के विरुद्ध जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक “साइबर जागृति अभियान” का आयोजन किया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से देश को मिली आजादी के भाव से प्रेरित यह अभियान साइबर क्राइम के विरुद्ध एकजुटता से जागरूकता लाने और छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने का प्रयास है। दुर्ग पुलिस ने इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की है।
इतिहास
“साइबर जागृति की एक सेल्फी” है अभियान की थीम
साइबर क्राइम के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियानों के क्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” व्यापक जनभागीदारी पर आधारित है। इस अभियान की मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” है। बड़ी संख्या में राज्यवासी छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स में जारी लिंक को क्लिक कर अथवा QR Code को स्कैन कर जागरूकता के संदेश वाली “सेल्फी फ्रेम” में अपनी सेल्फी लेकर उसे स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल्स में पोस्ट करेंगे।
अभियान का उद्देश्य क्या है ?
प्रदेश भर के लोग छत्तीसगढ़ पुलिस की जागरूकता संदेश वाली “सेल्फी फ्रेम” को सोशल मीडिया में शेयर करेंगे, जिससे साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता का संदेश उनके फॉलोअर्स और फ्रेंड्स तक पहुंचेगा। इससे अधिक से अधिक लोग साइबर क्राइम के प्रति जागरूक होंगे। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी से साइबर क्राइम के विरुद्ध जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश सरल और प्रभावी ढंग से अधिक से अधिक लोगों तक तेजी से पहुंच सकेगा।
“साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं, जिले में प्रेसवार्ता के माध्यम से “साइबर जागृति अभियान” की लिंक और QR Code जारी कर अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर जिलेवासियों को अभियान के विषय में जानकारी देते हुए विशेषकर सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स एवं कलाकारों से अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी लिंक क्लिक करने अथवा QR Code स्कैन कर सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया हैंडल्स में शेयर करने की अपील की जाएगी।
मॉडस ऑपरेंडी (अभियान की कार्यप्रणाली)
अभियान के माध्यम से साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों के संबंध में आम नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। सोशल मीडिया, QR Code, सेल्फी फ्रेम, पोस्टर-बैनर, व्हाट्सएप्प ग्रुप्स और विभिन्न संस्थानों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
07 सप्ताह की प्रमुख गतिविधियां
- पहले सप्ताह में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा के लिए स्कूल एवं कॉलेजों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- दूसरे सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा के विषय पर बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा।
- तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के विषय पर वरिष्ठ नागरिकों के साथ टाउन हॉल का आयोजन किया जाएगा।
- चौथे सप्ताह में स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग के विषय पर महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों के बीच अभियान चलाया जाएगा।
- पांचवें सप्ताह में जॉब फ्रॉड और फिशिंग को लेकर युवाओं को जागरूक करने रोजगार कार्यालयों, ITI एवं कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- छठवें सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया की सीमाओं के विषय पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- सातवें सप्ताह में ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का “संकल्प” अभियान आयोजित किया जाएगा।
जनभागीदारी एवं सोशल मीडिया अभियान
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्क एवं बाजारों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से QR Code को प्रचारित किया जाएगा। साथ ही राज्य पुलिस एवं जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स के साथ व्हाट्सएप्प ग्रुप्स के माध्यम से लिंक शेयर कर अधिक से अधिक लोगों को सेल्फी लेने और सोशल मीडिया में शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अभियान का समापन
02 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के दिन “साइबर जागृति अभियान” का समापन किया जाएगा।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स, कलाकारों एवं जिलेवासियों से अपील करती है कि “साइबर जागृति अभियान” में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनें। छत्तीसगढ़ पुलिस एवं जिला पुलिस द्वारा जारी लिंक को क्लिक कर अथवा QR Code स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी लें और उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर करें, ताकि साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
इतिहास
जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के विरुद्ध भी सभी नागरिकों को साथ मिलकर जागरूकता फैलाने और छत्तीसगढ़ को साइबर सुरक्षित बनाने में सहयोग करना आवश्यक है। साइबर जागृति की एक सेल्फी लें, सोशल मीडिया पर शेयर करें और साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाएं।