रायपुर। हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी चार महीने से आमरण अनशन पर हैं। अंबेडकर जयंती पर मंगलवार को अभ्यर्थियों ने संविधान रैली निकाली, जिसे पुलिस ने धरना स्थल के गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान डीएड अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाती तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों द्वारा अपनी वैध नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आज 112वें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह संघर्ष शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लगातार जारी है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पूर्व में भी डीएड अभ्यर्थियों ने कई बार रैली, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है, किंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला, अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है।
गेट पर ही रैली को रोकने से आक्रोशित हुए अभ्यर्थी
आज 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए डीएड अभ्यर्थियों ने हाथों में संविधान की प्रति लेकर शिक्षा मंत्री के बंगले का शांतिपूर्ण घेराव करने रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना और अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग करना था, किंतु पुलिस प्रशासन ने धरना स्थल के गेट पर ही बैरिकेड लगाकर अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं दिया गया, जिससे उनमें गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
अभ्यर्थियों का आरोप – बीजेपी सरकार पूरी तरह असंवेदनशील
डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि जब वे संविधान और न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं, तब उन्हें इस प्रकार रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान बीजेपी सरकार पूरी तरह असंवेदनशील और निरंकुश रवैया अपनाए हुए हैं, जो न्यायालय के आदेशों और युवाओं के भविष्य की अनदेखी कर रही है।
