नीट पेपर लीक और धांधली के खिलाफ के खिलाफ आम आदमी पार्टी का प्रर्दशन

नीट रिजल्ट में हुई गड़बड़ी ने लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ा: वदूद आलम, प्रदेश महासचिव

बीजेपी सरकार ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पर भी सवालिया निशान लगाए: सूरज उपाध्याय,प्रदेश मुख्य प्रवक्ता

बिहार में प्रश्न पत्र के लिए छात्रों से 30 से 50 लाख रुपए लिए गए : उत्तम जायसवाल, प्रदेश सचिव

केंद्र सरकार इतने बड़े भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही: विजय कुमार झा, प्रवक्ता

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नीट परीक्षा में हुए घोटाले की जांच कराई जाए: नंदन सिंह, ज़िला अध्यक्ष, रायपुर

रायपुर : आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव वदूद आलम के नेतृत्व में नीट पेपर लीक व धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की। इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए| प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा, हाल ही में देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल परीक्षा नीट के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी ने देश के लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ दिया है। बीजेपी सरकार में देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। लाखों बच्चे और अभिभावक इसकी वजह से मानसिक तनाव में हैं। 1583 बच्चों को ग्रेस मार्क्स दिए गए और कई जगह से परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें आने पर देश के लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में है। 24 लाख बच्चों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।

उन्होंने अपना असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि  एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए 12वीं के बच्चे प्री-मेडिकल नीट एग्जाम देते हैं। नीट की परीक्षा देश के प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। इससे पहले कभी ऐसा नहीं सुना गया कि पैसे देकर पीएमटी एग्जाम में अच्छे नंबर ला सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार गुजरात के गोधरा, बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश से परीक्षा में बड़े घोटाले की खबर आ रही है। बिहार पुलिस ने भी माना है कि नीट के प्रश्न पत्र के लिए छात्रों से 30 से 50 लाख रुपए लिए गए। गुजरात के गोधरा में एग्जम सेंटर के डिप्टी सुपरीटेंडेंट खुद इस भ्रष्टाचार में शामिल थे। केंद्र सरकार सब कुछ जानती हुई भी भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है।सूरज उपाध्याय ने कहा कि नीट के परिणाम 14 जून को आने थे, लेकिन इसे दस दिन पहले यानि 4 जून को ही जारी कर दिया गया। ताकि मीडिया चुनावी नतीजों में लगी रहे और भाजपा के पेपर लीक की चर्चा न हो। इसलिए एनटीए ने जानबूझकर 4 जून को नतीजे जारी किए। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किन कारणों से 14 जून की जगह 4 जून को नीट के नतीजे जारी किए गए।

उन्होंने सरकार को ड़े हाथों लेते हुए कहा  कि शिक्षा मंत्रालय और उसके अधीन आने वाले एनटीए ने भाजपा शासित राज्यों में उसके नेताओं के साथ मिलकर देश के लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इसलिए आम आदमी पार्टी मांग करती है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नीट परीक्षा में हुए घोटाले की जांच कराई जाए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।इस प्रदर्शन में अनुषा जोसेफ, कार्यालय प्रभारी एमएम हैदरी, अजीम ख़ान, नरेंद्र ठाकुर, प्रद्युमन शर्मा, एसपी उपाध्याय, पुनारद यादव सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

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