फिल्ममेकर नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ इस दिवाली देगी दस्तक, सिनेमैटिक गाथा का पहला भाग होगा रिलीज

विज़नरी प्रोड्यूसर और फिल्म मेकर नमित मल्होत्रा लेकर आ रहे हैं रामायणम्: पार्ट 1। यह दो हिस्सों में बंटी एक बहुत बड़ी सिनेमैटिक फिल्म है, जो दुनिया के सबसे महान महाकाव्यों में से एक से प्रेरित है।

शुरुआत से ही, त्रिदेव तीनों लोकों पर राज करते हैं; ब्रह्मा – जो सृष्टि रचते हैं, विष्णु – जो रक्षा करते हैं और शिव – जो परिवर्तन लाते हैं। जब स्वर्ग और धरती पर हलचल बढ़ने लगती है और सब कुछ बिगड़ने लगता है, तब त्रिदेवों में से एक, भगवान विष्णु संतुलन बनाए रखने के लिए एक अवतार के रूप में धरती पर आते हैं। इस बार, विष्णु ने राम (रणबीर कपूर) के रूप में जन्म लिया है, जो एक ऐसे राजकुमार हैं जिनका मकसद दुनिया में व्यवस्था बहाल करना है। उनके सामने खड़ा है सबसे शक्तिशाली, विद्वान, अजेय और अमर राक्षस राज रावण (यश), जिसे खुद त्रिदेवों का आशीर्वाद मिला हुआ है। उसका घमंड और बदले की आग इतनी खतरनाक है कि वह पूरे ब्रह्मांड को हिला कर रख सकती है।

अपनी असलियत और रावण के सामने खड़े होने वाले इकलौते योद्धा के रूप में अपने मकसद से अनजान, राम ‘धर्म’ (फर्ज सबसे ऊपर) की मूरत हैं। वो अपने समय के सबसे महान मानव वंश अयोध्या के सबसे लाडले राजकुमार हैं। राम अपनी प्यारी पत्नी सीता (साई पल्लवी) और वफादार भाई लक्ष्मण (रवि दुबे) के साथ सम्मान और सादगी भरी जिंदगी जीने की कोशिश करते हैं। लेकिन तभी किस्मत एक ऐसा मोड़ लेती है कि उन्हें वनवास जाना पड़ता है और रावण के साथ एक ऐसी भीषण जंग की तरफ बढ़ना पड़ता है, जो देवताओं और इंसानों दोनों की तकदीर तय करेगी।

रामायणम् भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है, जो दुनिया भर के दिग्गज कलाकारों को उन किरदारों को निभाने के लिए साथ ला रही है जिन्होंने सदियों से कहानियों को एक नई पहचान दी है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट है, रणबीर कपूर और यश (जो रामायणम् के प्रोड्यूसर भी हैं)। भारतीय सिनेमा के ये दो सबसे बड़े और प्रभावशाली सितारे पहली बार एक-दूसरे के आमने-सामने नजर आएंगे। इन दोनों की ग्लोबल फैन फॉलोइंग और स्टार पावर जबरदस्त है। इनका साथ आना सिनेमा का एक ऐसा दुर्लभ पल है, जो अपनी भव्यता और असर से सबको हैरान कर देगा।

​फिल्म में इंडिया के बेहतरीन कलाकार शामिल हैं जैसे साई पल्लवी (सीता), सनी देओल (बजरंगबली हनुमान) और रवि दुबे (लक्ष्मण) के रूप में है।

इसे विज़नरी फिल्म मेकर नमित मल्होत्रा ने प्रोड्यूस किया है और इंडिया के सबसे सफल डायरेक्टर्स में से एक नितेश तिवारी ने इसका निर्देशन किया है। फिल्म की कहानी अवॉर्ड विनर स्क्रीनराइटर श्रीधर राघवन ने लिखी है, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता हंस जिमर और ए.आर. रहमान ने दिया है। रवि बंसल और रैमसे एवरी के नेतृत्व में प्रोडक्शन डिजाइन के जरिए प्राचीन भारत को एक नए और भव्य रूप में दिखाया गया है, वहीं एक्शन की कमान हॉलीवुड के मशहूर स्टंट डायरेक्टर्स टेरी नोटरी और गाय नॉरिस ने संभाली है।

प्राइम फोकस स्टूडियोज, आठ बार के एकेडमी अवॉर्ड विजेता डीएनईजी (DNEG) और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर पेश कर रहे हैं, नमित मल्होत्रा की रामायणम्: पार्ट 1। यह महान कवि वाल्मीकि की रचनाओं पर आधारित दो भागों वाली लाइव-एक्शन फिल्म का पहला हिस्सा है।

​नमित मल्होत्रा की रामायणम्: पार्ट 1 दुनिया भर के सिनेमाघरों में साल 2026 की दिवाली पर रिलीज होगी। फिल्म का दूसरा पार्ट अभी बन रहा है और इसे 2027 की दिवाली पर ग्लोबली रिलीज करने की तैयारी है।

सही समय पर लौट रही एक महान कहानी

रामायणम् सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारी रग-रग में बसी एक जीती-जागती ताकत है। इस कहानी का सबसे खास पल, जब जीत के बाद राम की अयोध्या वापसी होती है, उसे हम दिवाली के रूप में मनाते हैं। यह अंधेरे पर रोशनी और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दुनिया भर में करोड़ों लोग दिवाली मनाकर इसी कहानी और इसकी सीख को याद रखते हैं।

देखा जाए तो रामायणम् गहराई से जुड़ी एक मानवीय कहानी है। जहाँ राम ‘धर्म’ (फर्ज सबसे ऊपर), दया और निस्वार्थ भाव की मिसाल हैं, वहीं रावण का पतन उसके बेहिसाब अहंकार, कंट्रोल करने की जिद और लालच की वजह से हुआ।

त्याग और महत्वाकांक्षा, विनम्रता और घमंड के बीच का यही अंतर रामायणम् को इंसानी इतिहास के सबसे यादगार और महान महाकाव्यों में से एक बनाता है।

कुछ दिलचस्प बातें

  • रामायणम् को दुनिया भर की अलग-अलग संस्कृतियों और इलाकों में 300 से भी ज्यादा तरीकों से सुनाया और लिखा गया है।
  • राम की जन्मभूमि अयोध्या दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में से एक बनकर उभरी है, जहाँ अकेले 2024 में ही 13.5 करोड़ से ज्यादा लोग पहुँचे हैं।
  • 2024 में राम मंदिर का उद्घाटन एक बहुत ही बड़ा सांस्कृतिक पल रहा है, जो राम के जन्मस्थान से जुड़ी सदियों पुरानी विरासत को दुनिया के सामने लाता है।
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर अमेरिका के 1,000 से ज्यादा मंदिरों में जश्न मनाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *