फेस ऑथेंटिकेशन फीचर वाला पीएम किसान मोबाइल एप लांच किया

नयी दिल्ली. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एवं किसानों को आय सहायता के लिए लोकप्रिय “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” के अंतर्गत फेस ऑथेंटिकेशन फीचर का पीएम-किसान मोबाइल एप केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लांच किया।
आधुनिक टेक्नालॉजी के बेहतरीन उदाहरण इस ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन फीचर का उपयोग कर किसान दूरदराज, घर बैठे भी आसानी से बिना ओटीपी या फिंगरप्रिंट के ही फेस स्कैनकर ई-केवाईसी पूरा कर सकता है और 100 अन्य किसानों को भी उनके घर पर ई-केवाईसी करने में मदद कर सकता हैं। सरकार ने ई-केवाईसी को अनिवार्य रूप से पूरा करने की आवश्यकता समझते हुए, किसानों का ई-केवाईसी करने की क्षमता को राज्य सरकारों के अधिकारियों तक भी बढ़ाया है, जिससे प्रत्येक अधिकारी 500 किसानों हेतु ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकता है।
राजधानी के कृषि भवन में आयोजित इस समारोह से देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों में उपस्थित हजारों किसानों के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी एजेंसियों एवं कृषि संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में वर्चुअल जुड़े थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सरकार की बहुत ही व्यापक एवं महत्वाकांक्षी योजना है जिसके क्रियान्वयन में राज्य सरकारों ने काफी परिश्रमपूर्वक अपनी भूमिका का निर्वहन किया है, इसी का परिणाम है कि लगभग साढ़े आठ करोड़ किसानों को केवाईसी के बाद हम योजना की किस्त देने की स्थिति में आ गए हैं। यह प्लेटफार्म जितना परिमार्जित होगा, वह पीएम-किसान के काम तो आएगा ही और किसानों को कभी भी कोई लाभ देना हो, तब भी केंद्र एवं राज्य सरकारों के पास पूरा डेटा उपलब्ध होगा जिससे कोई परेशानी खड़ी नहीं हो सकेगी।
श्री तोमर ने कहा कि पीएम-किसान एक अभिनव योजना है जिसका लाभ बिना किसी बिचौलियों के केंद्र सरकार किसानों को दे पा रही है। आज इतनी बड़ी संख्या में किसानों को टेक्नालॉजी की मदद से ही लाभ देना संभव हो पाया है। इस पूरी योजना के क्रियान्वयन पर कोई प्रश्न खड़ा नहीं कर सकता है जो बड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार ने टेक्नालॉजी का उपयोग करके यह जो ऐप बनाया है उससे काम काफी सरल हो गया है। सरकार ने सभी आवश्यक सुविधाएं राज्यों को उपलब्ध करा दी हैं, अब राज्य ज्यादा तेजी से काम करेंगे तो सभी हितग्राहियों तक हम पहुंच जाएंगे और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।
कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि टेक्नालॉजी से कृषि क्षेत्र को लाभ हो रहा है और इस एप की नई सुविधा से भी किसानों को काफी सहूलियत होगी। केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा ने भी अपने विचार रखें। अतिरिक्त सचिव प्रमोद कुमार मेहरदा ने एप की विशेषताएं बताईं। कार्यक्रम का संचालन विभागीय सलाहकार मनोज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर कुछ राज्य सरकारों के अधिकारियों ने योजना एवं एप के लाभ से संबंधित अपने अनुभव भी साझा किए। युवाओं के जरिये भी एप से अधिकाधिक किसानों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा और निर्धारित मापदंडों के आधार पर इसमें सहायक युवाओं को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
पीएम किसान दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में एक है जिसमें किसानों को आधारकार्ड से जुड़े बैंक खातों में छह हजार रुपए सालाना राशि, तीन किस्तों में सीधे हस्तांतरित की जाती है।
पहली बार देखा गया है कि 8.1 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान की 13वीं किस्त का भुगतान सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में केवल आधार इनेबल्ड पेमेंट के जरिये सफलतापूर्वक किया गया, जो अपने-आप में एक कीर्तिमान है।

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