रायपुर। राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सूची लीक हुई थी तब सूत न कपास जुलाहों में लठ्म लठ्ठा की स्थिति भाजपा में देखने मिल रही थी। भाजपा की पहली अधिकृत सूची जारी होने के बाद सभी 21 स्थानों पर घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ बगावती तेवर भाजपा के कार्यकताओं ने दिखाया, घोषित प्रत्याशियों के विरोध में धरना आंदोलन प्रदर्शन तक हुआ। अब भाजपा की दूसरी सूची जारी हुई है यह सूची जब लीक हुई थी तब इस सूची के बाद तो भाजपा के सारे अनुशासन के दावे खोखले साबित हो गये वरिष्ठ नेताओं के कपड़े फाडऩे तथा प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय नेताओं के पोस्टरों में कालिख तक पोती गयी है। भाजपा के चुनाव प्रभारी मनसुख मंडाविया तक से अभद्रता की गयी नारे बाजी की गयी। पोस्टर फाड़े गये, भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन हुआ उन्हीं सारे नामों को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा मे लोकतंत्र समाप्त हो गया, प्रत्याशी चयन के लिये कार्यकर्ताओं से रायशुमारी नहीं की गयी, क्षेत्र में बाहरी प्रत्याशियों को थोपा गया है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व भी स्थानीय नेतृत्व के साथ सामंती व्यवहार कर रहा है। जिसके कारण वरिष्ठ नेता भी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे है। दिल्ली के नेता, छत्तीसगढ़ के बड़े नेताओं और कार्यकताओं को अपमानित कर रहे है जिसके कारण प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा में बगावत देखने को मिल रही है। कांग्रेस चुनाव में जाने को पूरी तरह तैयार है हमारी चुनावी पूर्ण हो चुकी है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर से पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेगी। जनता जानती है कि भाजपा को वोट देने का मतलब राज्य में चल रही कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगाना। जनता को भाजपा के 15 सालों के कुशासन को भोगी है। 15 सालों के बाद जनता ने 5 सालों के कांग्रेस के जन कल्याणकारी सरकार को देख है। भूपेश सरकार के 5 सालों में हर वर्ग के लिए बनी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। जनता फिर 75 सीटों के साथ कांग्रेस की सरकार बनाने प्रतिबद्ध है।
