‘हर घर नल से हुआ स्वास्थ्य सुधार’

नयी दिल्ली, नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉक्टर वी के पॉल ने कहा है कि जीवन बचाने, महिलाओं और लड़कियों को सशक्त और जीवन सुगम बनाने में सुरक्षित पेयजल की महत्वपूर्ण भूमिका है और देश में सभी घरों के लिए सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने से लगभग चार लाख डायरिया रोग से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
डॉ. पॉल ने शुक्रवार को यहां भारत में ‘हर घर जल’ कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के लोकार्पण पर यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि हर घर नल कार्यक्रम में हर सेकंड एक नया जल कनेक्शन जोड़ा जा रहा है और भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य को बदल रहा है।
रिपोर्ट का अनुमान है कि देश में सभी घरों के लिए सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल सुनिश्चित करने से दस्त से होने वाली लगभग 400,000 मौतों को रोका जा सकता है। इस से अनुमानित लागत में 101 अरब डालर तक की बचत होगी।
रिपोर्ट नल के पानी के प्रावधान के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों के लिए बचाए गए जबरदस्त समय और प्रयास पर जोर देती है। वर्ष 2018 में, भारत में महिलाओं ने घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजाना औसतन 45.5 मिनट पानी इकट्ठा करने में खर्च किया। कुल मिलाकर, जिन घरों में ‘ऑन-प्रिमाइसेस’ पानी नहीं है, वे हर दिन पानी इकट्ठा करने में छह करोड़ 66 लाख घंटे खर्च करते हैं, जिनमें से अधिकांश पांच करोड़ 58 लाख घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं।

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