रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से राजस्व पटवारी संघ का अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गया है. पीवी ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही समस्याओं का निराकरण नहीं होने, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने मोर्चा खोल दिया है. इस संबंध में सोमवार (12 अक्टूबर) को लिखित ज्ञापन देकर कलेक्टर को सूचित किया गया था. इसके बावजूद मंत्री टंकराम वर्मा को पटवारियों के हड़ताल को लेकर कोई जानकारी नहीं है.
नहीं है हड़ताल की जानकारी – मंत्री टंकराम वर्मा
पटवारियों की हड़ताल को लेकर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सोमवार को लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत की. मंत्री ने बताया कि पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को उन्हें लेकर कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पटवारियों से उनकी बातचीत नहीं हुई है.
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि धान खरीदी में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे जरूरी है. धान खरीदी के दौरान बाहर से धान आने और किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने बताया कि पिछले साल 14 हजार गांवों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया था, जबकि इस साल 19 हजार गांवों में सर्वे का काम चल रहा है. अब तक 1 करोड़ 90 लाख खसरों का डिजिटल सर्वे हो चुका है और करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है.
मंत्री वर्मा ने कहा कि राजस्व अमला ईमानदारी से काम कर रहा है और धान खरीदी के लिए इस प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है. यह काम किसानों के हित में है. मंत्री ने कहा कि अभी तक हड़ताल की सूचना देने या मिलने के लिए कोई नहीं आया है. यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, सरकार का सहयोग करें.
PV ऐप की समस्याओं पर पटवारी संघ नाराज
राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने बताया कि, PV ऐप के माध्यम से फसल के भौतिक सत्यापन के दौरान कई व्यवहारिक और तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. इन समस्याओं को लेकर पूर्व में शासन और विभाग को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस और व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया है. संघ ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है.
ट्रांसफर, नोटिस और निलंबन पर जताया विरोध
संघ का आरोप है कि पटवारी पहले से ही कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों का जिम्मा संभाल रहे हैं. इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वे, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना और सेवा संकल्प शिविर सहित अन्य कार्य शामिल हैं. इसके बावजूद PV ऐप के बहिष्कार को लेकर बलौदाबाजार जिले में संघ के पदाधिकारियों और अन्य पटवारियों के तबादले तथा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है. वहीं महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई का भी संघ ने विरोध किया है. संघ ने इन कार्रवाइयों को पूर्वाग्रह से प्रेरित और द्वेषपूर्ण बताते हुए कड़ी निंदा की है. साथ ही संबंधित आदेशों और कार्रवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की है.
वेतन विसंगति और पदोन्नति का मुद्दा भी गरमाया
राजस्व पटवारी संघ ने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के अधिकार से जुड़े मामलों पर भी तत्काल सकारात्मक पहल करने की मांग की है. संघ का कहना है कि इन मांगों के निराकरण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.
राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर पड़ेगा असर
संघ ने स्पष्ट किया है कि PV ऐप की समस्याओं का समाधान, पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को निरस्त करने और लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. पटवारियों की इस हड़ताल का असर राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर पड़ सकता है.