रायपुर। 4 जुलाई उस व्यक्तित्व का जन्मदिन है जिसने शिक्षा के माध्यम से हजारों युवाओं के जीवन को दिशा देते हुए छत्तीसगढ़ को एक सशक्त शैक्षणिक पहचान दिलाई है। शिक्षा जगत में गजराज पगारिया दूरदृष्टि, समर्पण और समाजसेवा का जीवंत उदाहरण हैं।

एक साधारण परिवार में जन्मे पगारिया ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के प्रसार को ही अपना जीवन आधार बनाया। गजराज पगारिया का विश्वास है कि ज्ञान और शिक्षा ही वह शक्ति है जो जीवन को बदल सकती है। इन्हीं विचारों को लेकर आगे बढ़ने वाले पगारिया ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा योगदान दिया जो आज भी हजारों विद्यार्थियों के जीवन को रौशन कर रहा है।
साल 2006 में स्थापित MATS University उनके सपनों का साकार रूप है। यह विश्वविद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण का दूसरा नाम बन चुका है। उनके मार्गदर्शन में यह संस्था छात्रों को केवल डिग्री ही प्रदान नही कर रही बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, उद्यमी और नैतिक मूल्यों से युक्त नागरिक बनाने का केंद्र भी बनी हुई है। गजराज पगारिया की अद्वितीय सोच और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज MATS University में 100000 से अधिक छात्रों का भविष्य संवार जा रहा है, 13 विभागों और 56 पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है।
बहुआयामी है गजराज पगारिया का व्यक्तित्व- वे एक सफल शिक्षाविद्, दूरदर्शी नेता और एक समर्पित समाजसेवी हैं। शिक्षा के साथ-साथ खेल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उनकी सक्रियता उनकी व्यापक सोच का परिचायक है। स्पष्ट उद्देश्य और साफ़ नीयत से सफल होता उनका जीवन हमें सिखाता है कि पवित्र भवना से हर सपनों को साकार किया जा सकता है।
उनके जन्मदिवस पर हम उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए यही कामना करते हैं कि वे समाज में इसी प्रकार शिक्षा का उजाला फैलाते रहें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनें, आलोक स्तंभ की तरह उनका जीवन समाज को सही दिशा दिखाता रहेगा।