देवगढ़ में राशन को लेकर बवाल, पूर्व राशन संचालक पर 25 लाख के गबन का आरोप

चार माह से चावल नहीं मिलने का ग्रामीणों का दावा, फिंगर लगवाने के बाद भी राशन नहीं देने का आरोप; ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा

देवगढ़/सीतापुर : देवगढ़ पंचायत में राशन वितरण को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं राशन दुकान के सामने एकत्रित होकर तीन-चार माह से चावल नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताते नजर आए।

ग्रामीणों का आरोप है कि राशन देने के नाम पर पहले हितग्राहियों का फिंगर लगवा लिया जाता है, लेकिन इसके बाद उन्हें चावल नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे राशन मांगने पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि फिंगर लग चुका है, इसलिए राशन वितरित हो गया माना जा रहा है।

“हम इसी चावल के भरोसे जीते हैं, हमारे बच्चे क्या खाएंगे?”

आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं का कहना था कि वे सरकारी राशन के चावल पर निर्भर हैं। कई महीनों से चावल नहीं मिलने के कारण परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने चना और शक्कर का वितरण भी नहीं होने की बात कही।

ग्रामीणों ने मांग की कि जिन हितग्राहियों का फिंगर पहले ही लग चुका है, उन्हें पहले संबंधित महीनों का पूरा राशन दिया जाए। इसके बाद नए सिरे से फिंगर लगवाकर आगामी माह का राशन वितरित किया जाए।

मौके पर पहुंचे खाद्य निरीक्षक, फिर दोबारा बुलाना पड़ा

ग्रामीणों के अनुसार खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बढ़ते आक्रोश के बीच वे वहां से चले गए। बाद में स्थिति गंभीर होने पर उन्हें दोबारा फोन कर बुलाया गया। खाद्य निरीक्षक बतौली से वापस देवगढ़ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की।

खाद्य निरीक्षक ने पूर्व संचालक पर 25 लाख के गबन की बात कही

ग्रामीणों के अनुसार मौके पर खाद्य निरीक्षक ने बताया कि पूर्व राशन दुकान संचालक के कार्यकाल में लगभग 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। उन्होंने कथित रूप से बताया कि उक्त राशि की भरपाई संबंधित पूर्व संचालक को व्यक्तिगत रूप से करनी होगी।

निरीक्षक के अनुसार मामले की जानकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को दे दी गई है। यदि कथित गबन की राशि की भरपाई नहीं की जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी