डीजे को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, राजधानी में गणेश विसर्जन झांकी पर प्रतिबंध के लगे पोस्टर

रायपुर। डीजे-धुमाल की कानफोड़ू आवाज भले ही शासन-प्रशासन को न सुनाई दे, लेकिन आम लोग इन दिल को दहलाने वाली आवाजों से तंग आ चुके हैं. इसका उदाहरण राजधानी के सदर बाजार में नजर आ रहा है, जहां जगह-जगह इलाके से झांकी नहीं ले जाने की मांग को लेकर पोस्टर लगे नजर आ रहे हैं.

सराफा बाजार क्षेत्र की लोगों की आवाज बनकर सदर रोड सर्राफा संघ उभरा है, जिसने इलाके में पोस्टर लगाने के साथ-साथ पुलिस को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सिटी कोतवाली चौक से कंकाली अस्पताल तक भारी आवाज वाली सभी यंत्र बंद रखे जाए.

सराफा व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष हरेक मालु ने कहा कि इस बार सदर रोड से झांकी ना जाए. बढ़ती जनसंख्या के साथ सदर का रास्ता बहुत सकरा है. जाम की स्थिति होती है. मकान गिरने की घटना सामने आ चुकी है. बहुत सारे सीनियर सिटीजन बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है.

रुट डायवर्ट करने की मांग

मालु का कहना है कि इस बार झांकी सदर से ना ले जाकर सीधे बूढ़ा तालाब, मालवीय रोड से होते हुए निकालना चाहिए. जहां तक पंडाल लगाकर स्वागत करने का प्रश्न उठता है, तो पंडाल यहां लगाने के बजाय उस रोड पर भी लगाया जा सकता है. हमने इस संबंध में कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है. स्थानीय थाना प्रभारी से भी अनुरोध किया है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए. जिससे किसी को भी परेशानी न हो.

बैठक से पहले बनाया जा रहा माहौल

बता दें कि इस बार गणेश विसर्जन झांकी के रूट को लेकर पुलिस-प्रशासन की समितियों-संघों के साथ चर्चा होनी है. माना जा रहा है कि सदर बाजार सर्राफा संघ की ओर से क्षेत्र में लगाए गए पोस्टर बैठक के पहले लोगों की बात को पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने की कवायद है. अब सवाल यह है कि बैठक में क्या पुलिस गणेश उत्सव समितियों को रूट बदलने के लिए मनाने पर कामयाब हो पाती है कि नहीं.