अंबिकापुर : सरगुजा संभाग में हाल के दिनों में जंगलों के ऊपर लगातार हेलीकॉप्टर उड़ने को लेकर लोगों में चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उड़ानें खनिज सर्वेक्षण से जुड़ी हो सकती हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक सूची वायरल हो रही है, जिसमें सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों के कुल 777 गांवों में कोयला, बॉक्साइट और ग्रेफाइट खनिज की संभावित मौजूदगी का उल्लेख किया गया है।
वायरल सूची के अनुसार:
606 गांव कोयला खनन से,
147 गांव बॉक्साइट खनन से,
24 गांव ग्रेफाइट खनन से प्रभावित हो सकते हैं।
सूची में सरगुजा जिले के उदयपुर, लखनपुर, अंबिकापुर, लुंड्रा, बतौली, सीतापुर और मैनपाट विकासखंडों के कई गांव शामिल बताए गए हैं। वहीं सूरजपुर जिले के सूरजपुर, प्रेमनगर, प्रतापपुर, रामानुजनगर, ओड़गी और भैयाथान क्षेत्र तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर, कुसमी और राजपुर क्षेत्र के गांवों का भी उल्लेख किया गया है।
इस संभावित खनन को लेकर पर्यावरणविदों और स्थानीय ग्रामीणों में चिंता व्यक्त की जा रही है। उनका कहना है कि यदि बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई, पहाड़ों की खुदाई और खनन गतिविधियां शुरू होती हैं तो जलस्रोतों, नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों, वन्यजीवों और स्थानीय आदिवासी समुदायों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, इस वायरल सूची और हेलीकॉप्टर सर्वे के संबंध में अभी तक किसी सरकारी विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए सूची में दी गई जानकारी को आधिकारिक तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि किसी प्रकार का खनिज सर्वे या खनन परियोजना प्रस्तावित है, तो सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी सार्वजनिक करे तथा पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का विस्तृत अध्ययन लोगों के सामने रखे।