रायपुर। शराब दुकानों में प्लास्टिक की बोतलों में बेची जा रही शराब को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि कई प्लास्टिक बोतलें बेहद हल्की और गुणवत्ताहीन होने के कारण शराब खरीदकर घर ले जाते समय ही लीक होने लगती हैं। इससे शराब प्रेमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि शराब दुकान से बोतल खरीदने के बाद उसे सामान्य तरीके से ले जाने के दौरान ही बोतल से शराब रिसने लगती है। कई मामलों में बोतल पर हल्का दबाव पड़ते ही उसका ढक्कन बाहर निकल जाने या सील कमजोर होने की शिकायत सामने आ रही है।
पैसे देकर खरीदी शराब, रास्ते में ही होने लगी लीक
मदिराप्रेमियों का कहना है कि जब वे निर्धारित कीमत चुकाकर शराब खरीदते हैं तो उनसे बेहतर पैकेजिंग और सुरक्षित बोतल की उम्मीद रहती है। लेकिन प्लास्टिक की बोतलों में शराब दिए जाने के बाद यदि रास्ते में ही शराब लीक हो जाए तो उपभोक्ता के पैसे और शराब दोनों का नुकसान होता है।
उपभोक्ताओं का सवाल है कि यदि बोतलों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है तो मामूली दबाव या सामान्य परिवहन में वे लीक क्यों हो रही हैं?
शराब दुकानों में भी हो रहा नुकसान
बताया जा रहा है कि कुछ शराब दुकानों में रखी प्लास्टिक बोतलों से भी रिसाव की शिकायत सामने आ रही है। यदि दुकान में ही बोतल लीक होती है तो शराब की मात्रा कम होने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
ऐसे में प्लास्टिक बोतलों की गुणवत्ता, पैकिंग और सीलिंग व्यवस्था की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
आबकारी विभाग की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग संबंधित बोतलों की गुणवत्ता की जांच कराए और यदि पैकेजिंग में खामी पाई जाती है तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फिलहाल यह भी जांच का विषय है कि शराब की बोतलों में लीकेज की शिकायत कितनी व्यापक है और इसके पीछे खराब पैकेजिंग, कमजोर सीलिंग या परिवहन के दौरान होने वाली क्षति में से कौन-सा कारण जिम्मेदार है।