भिलाईनगर। बीएसपी मैनेजमेंट ने कम्पलसरी रिटायरमेंट और वालंटरी रिटायरमेंट संबंधी अध्ययन करने के लिए एक जीएम और एक एजीएम को विशाखापट्टनम आरआईएनएल भेज दिया है। दोनों अफसर इंडस्ट्रीयल इंजीनियरिंग विभाग के हैं । वे यह जानेंगे कि आरआईएनएल यानी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड विशाखापट्टनम ने अपने नियमित कार्मिकों को रिटायर करने के लिए किस तरह छंटनी की।
सोमवार को बीएसपी के इंडस्ट्रीयल इंजीनियरिंग विभाग के अफसर विशाखापट्टनम पहुंच गए हैं। असल में रआईएनएल विशाखापट्टनम ने भी इस्पात मंत्रालय के निर्देश पर अपने कुछ कार्मिकों को कम्पलसरी रिटायर किया और कुछ को वालंटरी रिटायरमेंट दिया। दोनों प्लांट की वर्किंग लगभग एक जैसी है। ऐसे में बीएसपी सहित सभी प्लांट से अफसरों की टीम बनाकर विशाखापट्टनम भेजने का निर्णय लिया गया। सेल में इस समय सबसे ज्यादा मैनपावर है। 1 अप्रैल 2026 के हिसाब से यहां रेगुलर मैनपावर की संख्या है। बीएसपी सहित पांच बड़ी यूनिटों पर अपना मैनपावर कम करने का सबसे ज्यादा दबाव है।
बीएसपी के अफसर वहां जाकर यह अध्ययन करेंगे कि आरआईएनएल ने विभिन्न विभागों में मैनपावर कट करने के लिए क्या फार्मूला अपनाया। यहां से गई अफसरों की टीम वहां के अफसरों से समझने की कोशिश करेगी कि कहां-कहां किस तरह मैनपावर कट किया जा सकता है। इन अफसरों का पूरा पेपर वर्क भी देखने कहा गया है। अफसर अपने अध्ययन के आधार पर यहां मैनेजमेंट को रिपोर्ट देंगे। उस रिपोर्ट के आधार पर भिलाई में मैनपावर कहां कहां और कितना मैनपावर कट किया जा सकता है इस संभावना पर लिस्ट तैयार करेंगे।
पता चला है कि जिन कार्मिकों का पास्ट सर्विस रिकार्ड ठीक नहीं रहा है, उन्हें ही पहले टार्गेट किया जाएगा। देखना यह है कि आखिर यहां कितने कार्मिक जबरिया रिटायर किए जाते हैं और कितने कार्मिकों को वालंटरी रिटायरमेंट के जरिया विदा किया जाएगा। ठेका श्रमिकों की छंटनी पर तो कवायद चल ही रहा है।
डुप्लीकेट एमएसटी टिकट बनाने वाले चार छात्रों को अधिकारियों ने पकड़ा
दुर्ग। रेलवे स्टेशन दुर्ग पर चेकिंग के दौरान डुप्लीकेट एमएसटी रेल टिकट बनाने वालों को रेलवे वाणिज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया है। दुर्ग में आयोजित टिकट चेकिंग के दौरान श्रीमती प्रिया, वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर दुर्ग के द्वारा डुप्लीकेट एमएसटी का मामला पकड़ा है। दुर्ग स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान अधिकारियों ने कुलदीप बिश्नोई, यू ओंकार, अखिलेश साहू, राहुल साहू को पकड़ा है। चारों छात्रों को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए दुर्ग आरपीएफ के सुपुर्द किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को टिकट चेकिंग स्टाफ ने यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग करते हुए डुप्लीकेट एमएसटी बनाकर यात्रा करने वाले संदिग्धों को पकड़ा। किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास डुप्लीकेट एमएसटी टिकट पाई गई। जिसकी गहनता से जांच करने पर वह टिकट डुप्लीकेट निकली।
अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान मिली जानकारी से प्लानिंग करके अन्य साथियों को भी पकड़ा गया। जांच के दौरान शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए। मुख्य आरोपी कुलदीप ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार किया जिसे उसने अपने दो साथियों के साथ साझा किया जिन्होंने आगे इसे अन्य लोगों तक प्रसारित किया है। छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि हर्ष नामक एक साथी इन फर्जी टिकट को अन्य यात्रियों को बेचने में संलिप्त था, हालांकि हर्ष अभी पकड़ में नहीं आया है।
खुर्सीपार फाटक 2 मई तक रहेगा बंद
भिलाईनगर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में भिलाईनगर रेल के मध्य खुर्सीपार फाटक रेलवे समपार किमी. 855/7-9 में अपलाईन / का अति आवश्यक मरम्मत कार्य 18 अप्रैल की रात 8 से आवश्यक मशीनी कार्य के चलते अब 2 मई की रात 8 बजे तक सड़क यातायात बंद रहेगा।
अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, महिला व अपचारी बालक गिरफ्तार
दुर्ग। अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली है। पुरानी रंजिश एवं विवाद के कारण पत्थर से कुचलकर हत्या कर देने वाले मामले में पुलिस ने अपचारी बालक एवं साक्ष्य छुपाने वाली महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि 26 अप्रैल को प्रार्थी महेंद्र कुमार निषाद निवासी ग्राम करहीडीह चौकी जेवरा सिरसा द्वारा सूचना दी गई थी कि रामनारायण निषाद उर्फ नारायण निषाद का शव ग्राम करहीडीह स्थित दुर्गा मंच के पीछे खेत में संदिग्ध अवस्था में मिला है, जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। हत्या की पुष्टि होने पर चौकी जेवरा सिरसा में धारा 103 (1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया गया था।
इस मामले में पुलिस ने अपचारी बालक एवं सावित्री निषाद 40 वर्ष निवासी करहीडीह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। इस कार्रवाई में चौकी जेवरा सिरसा पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। विवेचना एवं आरोपियों की पतासाजी में चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे, विवेचना अधिकारी एवं स्टाफ द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई थी।
मृतक नारायण के नशे में होने का उठाया फायदा
विवेचना के दौरान घटना स्थल निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्य, मुखबीर की सूचना एवं पूछताछ के आधार पर 16 वर्षीय अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के कारण मृतक की हत्या करना स्वीकार किया। मृतक द्वारा पूर्व में विवाद के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने से आरोपी रंजिश रखता था। 25 अप्रैल की रात मृतक के नशे की स्थिति में होने का फायदा उठाकर आरोपियों द्वारा मारपीट करते हुए गमछे से पैर बांधकर घसीटते हुए जाकर पत्थरों से कुचला और उसकी हत्या कर दी।
महिला ने जलाए थे कपड़े व जूते
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि सावित्री निषाद (40 वर्ष) निवासी करहीडीह द्वारा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से खून से सने कपड़े एवं जूते जलाए गए, जिसके आधार पर महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है जिसकी तलाश में टीम लगी हुई है।
मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह की व्यवस्था चौपट
भिलाईनगर। रामनगर मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह निर्माण लकड़ी की बचत के लिए 48 लाख की लागत से किया गया था। वर्ष 2023 से विद्युत शवदाह गृह शुरू हो गया लेकिन आज भी लोग लकड़ी से अंतिम संस्कार को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। लोगों को निशुल्क में लकड़ियां उपलब्ध हो रही है इसके चलते ही विद्युत उपकरण का उपयोग नहीं कर रहे हैं। रामनगर मुक्तिधाम में आए दिन लकड़ी की कमी होने से जनप्रतिनिधि भी आवाज उठाते हैं, परंतु विद्युत शवदाह के उपयोग करने को लेकर लोगों में जागरूक नहीं ला रहे है। प्रतिवर्ष लकड़ी से संस्कार के नाम पर भिलाई नगर निगम को 40 से 60 लाख रुपए खर्च किया जा रहा है।
प्लांटेशन घोटाला में उद्यानिकी विभाग व जिला पंचायत सवालों के घेरे में
जामगांव-आर। पाटन ब्लॉक में मनरेगा कन्वर्जेन्स के तहत हुए कथित प्लांटेशन घोटाले का मामला सामने आने के बाद अब तक किसी प्रकार की जांच शुरू नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ब्लॉक के अनेक पंचायतों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर पौधारोपण कार्य लगभग नदारद मिलने और कई जगह ट्री गार्ड गायब होने के खुलासे के बाद उद्यानिकी विभाग और जिला पंचायत की भूमिका कटघरे में आ गई है, लेकिन दोनों ही विभाग अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बावजूद न तो कोई जांच समिति गठित की गई है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत मिले हैं। इससे आशंका और गहरा रही है कि कहीं न कहीं मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही।
उद्यानिकी विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी अब संदेह को और गहरा रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या कागजों में ही “हरियाली” दिखाकर राशि निकाल ली गई? फिलहाल पूरा मामला जांच और कार्रवाई की बाट जोह रहा है।
उद्यानिकी विभाग, दुर्ग के उप संचालक नारायण प्रसाद लावतरे ने कहा कि “मैं इस मामले की फाइल दिखवाता हूँ। दरअसल, हम इस काम को करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन जिला पंचायत के दबाव में विभाग को इसे करना पड़ा। मनरेगा के तहत काम करने में कई व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। देखता हूं जांच के लिए क्या स्थिति बनती है, इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। वहीं पाटन उद्यानिकी विभाग की उद्यान अधीक्षक सुरभि श्रीवास्तव ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
1 मई से 23 मई तक शहर के विभिन्न वार्डों में लगेंगे शिविर
दुर्ग। निगम द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार – 2026 के हेतु अंतर्गत शहर में जन समस्या निवारण विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 1 मई से 23 मई तक दुर्ग शहर सीमा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
शिविरों के संचालन के लिए नोडल अधिकारी एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तैयारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल कूलर, टेंट एवं बैठने की समुचित व्यवस्थ सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
1 मई को वार्ड 1 चंद्रशेखर आजाद उ.मा. विद्यालय पंचशील नगर में वार्ड 1 से 13 56, 57, 7 मई को वार्ड 60 शासकीय प्राथमिक शाला, कातुलबोर्ड में वार्ड 14 से 24, 47, 58, 59, 60, 13 मई को वार्ड 46 स्वामी विवेकानंद भवन में वार्ड 39 से 46, 48 से 54, 23 मई को वार्ड 37 पुराना गंजमंडी में वार्ड 25 से 38, 55 तक के लिए शिविर लगाया जाएगा।
1 मई से लागू होगा 17 प्रतिशत सरचार्ज
दुर्ग निगम द्वारा संपत्तिकर जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 मई के बाद पूर्व वर्षों का संपत्तिकर जमा करने पर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज अनिवार्य रूप से वसूला जाएगा। इसके साथ ही लंबे समय से बकाया रखने वाले करदाताओं के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई, कुर्की एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।
नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से कर भुगतान के लिए भी लगातार प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे समय रहते अपना दायित्व पूरा कर सकें। आयुक्त सुमित अग्रवाल ने राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शेष बचे दिनों में पूरी सक्रियता, गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ वसूली कार्य किया जाए। किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालयीन समय में शराब सेवन करने पर सहायक ग्रेड-2 निलंबित
राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर कार्यालयीन समय में शराब का सेवन कर कर्तव्य पर उपस्थित होने पर सहायक ग्रेड-2 राधेश्याम ठाकुर पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक ग्रेड-2 राधेश्याम ठाकुर कार्यालयीन समय में शराब का सेवन कर ड्यूटी पर उपस्थित पाया गया। पूछताछ के दौरान उनका व्यवहार भी अनुचित पाया गया। इसके अतिरिक्त मेडिकल परीक्षण हेतु भेजे जाने की प्रक्रिया के दौरान बिना सक्षम अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित हो गया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 के प्रतिकूल पाया गया।
कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत राधेश्याम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीडीपीओ कार्यालय छुरिया निर्धारित किया गया है, तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
छुईखदान का उप कोषालय किया गया बंद अंचल के क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश
छुईखदान। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) संयुक्त जिला बनने के बाद जहां क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि तीनों क्षेत्रों में समान रूप से विकास होगा और जिला स्तरीय शासकीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, वहीं छुईखदान और डई आज भी उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। इन दोनों क्षेत्रों को अब तक एक भी प्रमुख जिला स्तरीय कार्यालय नहीं मिल पाया हैं, जिससे लोगों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इसी बीच छुईखदान में वर्षों से संचालित उप कोषालय (ट्रेजरी ऑफिस) को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खैरागढ़ में मर्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सामग्री भी चुपचाप स्थानांतरित कर दी गई। अब छुईखदान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रसीद टिकट, स्टाम्प पेपर और अन्य आवश्यक कार्यों लिए खैरागढ़ जाना पड़ेगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
इतिहास की याद दिलाता फैसला
यह निर्णय छुईखदान के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। 9 जनवरी 1953 को जब इसी तरह उप कोषालय को खैरागढ़ में मर्ज करने का प्रयास किया गया था, तब इसके विरोध में बड़ा आंदोलन हुआ था और हुए गोलीकांड में छुईखदान के 5 नागरिकों ने अपनी शहादत दी थी। लिए जाने से आज फिर वैसा ही फैसला लोगों के जख्म हरे हो गए हैं और क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।
छीनी जा रहीं बची-खुची सुविधाएं भी
संयुक्त जिला बनने के बाद जहां नए कार्यालय खुलने चाहिए थे, वहीं इसके उलट छुईखदान और गंडई में मौजूद सुविधाएं भी धीरे-धीरे खत्म की जा रही हैं। पहले से संचालित कार्यालयों को खैरागढ़ में मर्ज किया जा रहा है, जिससे यह महसूस होने लगा है कि विकास का केंद्र केवल एक ही स्थान तक सीमित कर दिया गया है और बाकी क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि न तो सत्ताधारी दल और न ही विपक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई प्रभावी विरोध दर्ज कराया गया। जनता का मानना है कि यदि सभी नेता एकजुट होकर प्रयास करते, तो इस निर्णय को रोका जा सकता था, लेकिन उनकी निष्क्रियता ने लोगों को निराश किया है।
करोड़ों खर्च करने के बाद भी दर्जन से अधिक वार्डों में दौड़ रहे हैं टैंकर
राजनांदगांव। शहर में अमृत मिशन योजना के अंतर्गत भले ही करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए हैं। लेकिन अभी भी गर्मी के दिनों में एक दर्जन से अधिक प्रभावित वार्डों में टैंकरों से ही जलापूर्ति कराने की मजबूरी बनी हुई है। टैंकर पहुंचने के साथ पानी के लिए मारामारी की स्थिति बन रही है। संस्कारधानी राजनांदगांव जिले में जलस्तर नीचे गिरने से पेयजल समस्या का विकराल रूप देखने को मिल रहा है।
जिले के नदी नाले और तालाब भी पूरी तरह से सूखते जा रहे हैं जिससे निस्तारी की समस्या भी उत्पन्न हो रही है । वनांचल क्षेत्र मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोगरा में मोगरा बैराज की स्थापना सुनिश्चित कराई गई है। गर्मी के दिनों में मोगरा बैराज राजनांदगांव जिले से लेकर वनांचल क्षेत्र के के लिए एकमात्र सहारा हुआ है।
ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित जीवनदायिनी शिवनाथ नदी में पानी की कमी हो जाने के बाद मोगरा बैराज से ही पानी लेकर शहर वासियों की प्यास बुझाई जा रही है । मटिया मोती जलाशय से भी लगातार पानी लिया जा रहा है। शहर के 51 वार्डों में भरपूर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने में भी निगम के पसीने छूट रहे हैं।
प्रतिदिन साढ़े चार करोड़ लीटर लगे आउटर पानी की खपत हो रही है। शहर से वार्ड में अभी भी टैंकरों सेजलापूर्ति कराने की मजबूरी है । विशेष रूप से नया पुराना ढाबा, चिखली, शांति नगर, नवागांव, बापू टोला, गौरी नगर, लखोली, कन्हारपुरी, राजीव नगर 16 खोली, पुलिस लाइन सहित आसपास के क्षेत्र में प्रतिदिन 45 से 50 ट्रिप पानी टैंकरों से पहुंचा जा रहा है। करोड़ों खर्च करने के बाद भी शहरवासियों को पेयजल के लिए काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
खैरागढ़ नगर पालिका बजट हंगामे के बीच पारित, 60 लाख रुपये अधिशेष का दावा
खैरागढ़। नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा में वित्तीय वर्ष का बजट पेश किए जाने के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। विपक्षी पार्षदों के वाकआउट के बीच नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने लगभग 60 लाख रुपये अधिशेष वाला बजट प्रस्तुत किया जिसे बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया।
कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध के बीच किया बहिष्कार बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि बजट दस्तावेजों में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध जताया और अंततः सदन का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए। विपक्ष की अनुपस्थिति में सत्तापक्ष ने बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
जानिए क्या है आय-व्यय का अनुमानित प्रस्तुत
अनुमान बजट के अनुसार नगर पालिका की कुल आय 15 करोड़ 33 लाख रुपये आंकी गई है जबकि कुल व्यय 14 करोड़ 73 लाख रुपये प्रस्तावित है। इस प्रकार 60 लाख रुपये अधिशेष का दावा किया गया है। आय के प्रमुख स्रोतों में कर मद से 3 करोड़ 15 लाख रुपये, विभिन्न शुल्क एवं लाइसेंस से 1 करोड़ 32 लाख रुपये, राज्यांश व अन्य मदों से 49 लाख रुपये, केंद्र एवं राज्य योजनाओं से 4 करोड़ 29 लाख रुपये तथा अन्य स्रोतों से 26 लाख 40 हजार रुपये शामिल हैं।
अध्यक्ष गिरजा सहित परिषद के सदस्यों का विकास कार्यों पर जोर
नगर विकास के लिए तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान, पुष्पवाटिका, खेल मैदान, मांगलिक भवन, सामुदायिक भवन, आश्रय स्थल, कांजी हाउस, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्कूल भवन, मुक्तिधाम उन्नयन और लाइब्रेरी जैसे कार्यों के लिए प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नाली निर्माण, सीसी सड़क, विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी खर्च प्रस्तावित है।
व्यय मदों में वेतन-भत्तों पर 3 करोड़ 81 लाख रुपये, स्टेशनरी एवं प्रशासनिक खर्च पर 48 लाख 80 हजार रुपये, विद्युत बिल, मरम्मत, साफ-सफाई और जलापूर्ति पर 1 करोड़ 7 लाख रुपये तथा विभिन्न सामाजिक योजनाओं पर 4 करोड़ 17 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है वहीं अध्यक्ष, पार्षद, सांसद और विधायक निधि से निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 18 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
सत्ता खोकर विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने उठाए तीखे सवाल
नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने बजट को “पिछले वर्ष की कॉपी” बताते हुए कहा कि इसमें कोई नई सोच या ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर को वास्तविक विकास की जरूरत है, लेकिन बजट केवल वादों तक सीमित है वहीं अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर ने कहा कि संतुलित बजट में शहर के समग्र और विकास प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया को ध्यान में रखते हुए विशेष कि पूर्व से चल रही योजनाओं को गति देने के साथ नए कार्यों को भी शामिल किया गया है जिससे शहर के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।
