रायपुर। दुर्ग जिले में ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह के यहां मंगलवार को दूसरे दिन भी स्टेट GST की 12 सदस्यीय टीम ने करीब 9 घंटे तक दस्तावेजों की जांच की। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात 8.30 बजे तक चली। कार्रवाई के दौरान सिर्फ HTC के रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि इंद्रजीत सिंह से जुड़ी दूसरी कंपनी दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप के दस्तावेज भी जांचे गए। अब दोनों कंपनियों के साल 2020-21 से जुड़े रिकॉर्ड, लेनदेन, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट की जानकारी खंगाली जा रही है।
जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह की कंपनियां सिर्फ BSP तक सीमित नहीं है। दो सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए भी ट्रांसपोर्टेशन का काम किया जाता है। तीनों संस्थानों की ओर से ट्रांसपोर्टेशन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जाते हैं। GST टीम इन वर्क ऑर्डर के आधार पर किए गए काम, कंपनी के बिल, कंसाइनमेंट और लेनदेन का मिलान कर रही है। कंपनी BSP और सीमेंट फैक्ट्रियों से माल उठाकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाती है। इससे कारोबार का दायरा भिलाई से बाहर तक फैला हुआ है।
3 दिन का सर्च वारंट, आज फिर पहुंच सकती है टीम
GST टीम ने कोर्ट से तीन दिन का सर्च वारंट हासिल किया है। मंगलवार रात करीब 8.30 बजे 12 सदस्यीय टीम वापस लौटी। वारंट की अवधि को देखते हुए बुधवार को भी टीम HTC के ठिकानों पर पहुंच सकती है। अफसरों के मुताबिक, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट से जुड़े दस्तावेज जांच के लिए मंगाए जाएंगे। इनका कंपनी के रिकॉर्ड और लेनदेन से मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही टैक्स में किसी अंतर या गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
12 कंप्यूटरों की जांच, 20 कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी खंगाला
कार्रवाई के दौरान जीएसटी की टीम ने ऑफिस में लगे 12 कंप्यूटरों की भी जांच की। इसके अलावा ऑफिस में काम करने वाले करीब 20 कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए। GST अफसर कंपनी के कागजी रिकॉर्ड के साथ डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। लेनदेन और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह का अंतर है या नहीं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। इंद्रजीत सिंह से स्क्रैप ट्रेडिंग को लेकर भी पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि पहले उसकी स्क्रैप ट्रेडिंग कंपनी थी, लेकिन लंबे समय से यह कारोबार बंद है। अब इस पुराने कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड भी जरूरत के हिसाब से जांच में लिए जा सकते हैं।
बलौदाबाजार यार्ड में भी टीम ने की थी जांच
बताया जा रहा है कि सोमवार को टीम ने बलौदाबाजार स्थित यार्ड में भी जांच की थी। जांच में सामने आया कि यार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रकों की पार्किंग के लिए होता है। वहां कारोबार से जुड़े दस्तावेजों के बजाय ड्राइवरों से जुड़े कागजात मिले। इसके चलते यार्ड की जांच पहले ही दिन खत्म कर दी गई।
2 कंपनियों से चलता है इंद्रजीत का कारोबार
दो दिनों की जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह का ट्रांसपोर्ट कारोबार दो कंपनियों के माध्यम से संचालित होता है। पहली कंपनी हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी यानी HTC है। दूसरी दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप है। इस फर्म में उनकी पत्नी समेत अन्य लोग पार्टनर हैं। HTC साल 2017 से पहले से ट्रांसपोर्ट कारोबार में है। अब GST टीम पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।