बार-बार पेशाब आने को डायबिटीज समझते हैं लोग लेकिन होती है ये गंभीर बीमारी

अक्सर जिन लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है और बहुत ज्यादा प्यास लगती है। वो तुरंत डायबिटीज का चेकअप कराते हैं। लेकिन केवल डायबिटीज में ही पेशाब ज्यादा लगने की समस्या नहीं होती। बल्कि डायबिटीज की तरह ही डायबिटीज इन्सिपिडस बीमारी होती है। जिसमे जरूरत से ज्यादा पेशाब लगने की समस्या होती है। अक्सर इसके लक्षण डायबिटीज यानी मधुमेह से जुड़े होते हैं। इसलिए दोनों को लोग एक ही मानते हैं। लेकिन दोनों में बहुत अंतर है। आगे जानें डायबिटीज इन्सिपिडस यानी मूत्रमेह की वजह से होने वाली गंभीर समस्याएं और उपचार।

डायबिटीज से कैसे अलग है डायबिटीज इन्सिपिडस
डायबिटीज मेलिटस में शरीर में ब्लड ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे छुटकारा पाने के लिए पेशाब बार-बार होती है। जबकि डायबिटीज इन्सिपिडस में किडनी ठीक तरह से यूरिन को अलग करने और निकालने का काम नहीं कर पाती है। किडनी के ठीक से काम ना करने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

क्या है डायबिटीज इन्सिपिडस
डायबिटीज इन्सिपिडस को हिंदी में मूत्रमेह भी कहते हैं। इस बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण बार-बार पेशाब जाना और ज्यादा मात्रा में प्यास लगना है। इस बीमारी के होने पर मरीज कई बार 20 लीटर के करीब पेशाब करता है। शरीर से ज्यादा मात्रा में लिक्विड निकल जाने की वजह से बार-बार प्यास लगना भी लाजिमी है। हालांकि ये बीमारी काफी कम लोगों को होती है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन, डिप्रेशन, दौरे, थकान, तनाव जैसी समस्या होने लगती है।

डायबिटीज इन्सिपिडस के लक्षण
इस बीमारी के मुख्य रूप से दो ही लक्षण माने जा सकते हैं।
पहला बहुत ज्यादा मात्रा में प्यास लगना जिसकी कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है।
और दूसरा, बार-बार पेशाब जाना।

क्यों होता है डायबिटीज इन्सिपिडस
डायिबटीज इन्सिपिडस होने का मेन कारण किडनी का यूरिन प्रोडक्शन को कंट्रोल करने के साथ बॉडी में पानी की मात्रा को कंट्रोल ना करना है। जिसकी वजह से पेशाब के जरिए शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी निकल जाता है। इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

-जेनेटिक समस्या
-सिर पर लगी गंभीर चोट
-ऑटोइम्यून डिजीज

-कई बार मूत्रमेह किडनी की बीमारी, दवाओं के साइड इफेक्ट और यूरिन टैक में रुकावट की वजह से भी होती है।

डायबिटीज इन्सिपिडस से होने वाली गंभीर समस्याएं
गंभीर डिहाइड्रेशन
मुंह सूखना
सिरदर्द
चक्कर आना
भ्रम की स्थिति
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
थकान
मांसपेशियों में दर्द
चिड़चिड़ापन
नींद की कमी
डिप्रेशन
तनाव

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