रायपुर. करीब 20,000 करोड़ के रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस वे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. उद्घाटन से पहले ही सड़कों पर लंबी दरारें आने लगी हैं. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए NHAI की कार्यशैली पर सवाल उठाया. साथ ही तंज कसते हुए कहा कि फीता काटने से पहले सड़क फट गई है.
कांग्रेस का एक्स पोस्ट
कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विकास का ऐसा नमूना शायद पहली बार देखा होगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाए गए रायपुर–विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग की ये तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क उद्घाटन से पहले ही जवाब दे गई. फीता कटने से पहले सड़क फट गई, गजब विकास है.
“विकास” का ऐसा नमूना शायद पहली बार देखा होगा…
NHAI द्वारा बनाए गए रायपुर–विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग की ये तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क उद्घाटन से पहले ही जवाब दे गई।
फ़ीता कटने से पहले फट गई सड़क… गजब विकास! @NHAI_Official pic.twitter.com/Kl2F0ddpEY
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) July 24, 2026
464 किमी लंबे सिक्स लेन का निर्माण
NHAI द्वारा रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किलोमीटर के लंबे सिक्स लेन का निर्माण किया जा रहा है. करोड़ों के इस प्रोजेक्ट का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है. एक्सप्रेस वे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम जैसे मुख्य शहरों को विशाखापट्टनम बंदरगाह से जोड़ेगा. भारतमाला परियोजना के तहत इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. प्रोजेक्ट के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति मिलने की मजबूत संभावनाएं हैं.
इस इकोनॉमी कॉरिडोर के तहत दो बड़ी सुरंगों का निर्माण किया जाएगा. एक्सप्रेस-वे का ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट छत्तीसगढ़ में 124.611 किलोमीटर, ओडिशा में 262.211 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश में 99.629 किलोमीटर तक फैला होगा. छत्तीसगढ़ में इस एक्सप्रेस-वे पर कुल पांच जंक्शन विकसित किए जाएंगे, जहां से यात्रियों को प्रवेश और निकास की सुविधा मिलेगी. परियोजना की एक प्रमुख विशेषता क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम होगी, जिसके तहत यात्रियों से केवल उतनी ही दूरी का टोल लिया जाएगा, जितनी दूरी तक वे एक्सप्रेस-वे का उपयोग करेंगे.