मुंगेली। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाने में पिछले 18 घंटे से जारी कांग्रेस नेताओं का धरना पुलिस प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आखिरकार खत्म हो गया है। पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर मामले से जुड़े भाजपा नेताओं पर FIR दर्ज करने और दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा का भरोसा दिया है, लेकिन इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बाद राज्य में बयानों की तीखी तीरंदाजी शुरू हो गई है। डिप्टी CM अरुण साव ने कांग्रेस के इस रवैये और थाने में दिए गए धरने पर बड़ा हमला बोला है।
कांग्रेस के रवैये ने माहौल को बिगाड़ा- साव
अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस के रवैये ने माहौल को बिगाड़ा।
उकसाने के लिए लहराईं लाठियां- साव
उन्होंने कहा हम शांतिपूर्ण तरीके से घेराव कर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। कांग्रेस के लोगों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाने का काम किया। उकसाने के लिए कांग्रेस के लोगों ने लाठियां लहराईं और अपने झंडे लहराए।
अधिकारियों को दी धमकियां- साव
इसके बाद भी जब मामला बढ़ा, तो कांग्रेस के नेता पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को खुलेआम धमकियां दे रहे थे कि सरकारें आती-जाती हैं, हम देख लेंगे। यह रवैया और भाषा किसी भी तरह से उचित नहीं है। अब कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को अनावश्यक रूप से तूल देकर विषय बनाने की कोशिश कर रही है।