Bastar News Update : जगदलपुर. जिला मुख्यालयसे करीब 25 किमी दूर नगरनार थाना क्षेत्र के कोहकापाल गांव में 12 साल के दो बच्चों की कथित नरबलि की तैयारी मामला सामने आया है. ग्रामीण का आरोप है कि गड़ा धन पाने के लालच में बच्चों की बलि देने की तैयारी थी. बताया जा रहा है कि बच्चे किसी तरह वहां से भागकर घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी. इस मामले को लेकर एएसपी सुखनंदन राठोर ने जानकारी दी कि कोहकापाल में नरबलि से जुड़ा मामला लगभग 2 महीना पुराना है. इसे लेकर थाने में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी को पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए निर्देशित किया गया है. ग्रामीणों और संबंधित लोगों से पुलिस जानकारी जुटा रही है.
जगदलपुर. बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर चढ़ावे के रूप में सामने आई. 29 सितंबर को मंदिर की दो दानपेटियां खोली गईं. इनमें से 12 लाख 61 हजार 260 रुपए की राशि प्राप्त हुई. इसके साथ ही करीब ढाई तोला सोने के आभूषण और 210 ग्राम चांदी के आभूषण भी मिले. मंदिर समिति और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम की मौजूदगी में दानपेटियां खोली गईं और राशि की गिनती शुरू हुई, जो देर शाम तक चलती रही. मां दंतेश्वरी मंदिर में कुल चार दानपेटियां हैं, जिनमें से फिलहाल 3 खोली गईं. श्रद्धालुओं द्वारा सालभर पूजा-अर्चना के बाद भेंट की गई राशि को सुरक्षित निकालकर गणना की गई. दानराशि का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं के साथ गाँचा पर्व सहित धार्मिक आयोजनों और आवश्यक कार्यों में किया जा सकता है. गणना के दौरान तहसीलदार राहुल गुप्ता, टेंपल कमेटी के विजय भारत, राम अवतार शर्मा, अर्जुन श्रीवास्तव सहित तहसील कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे. दानपेटियां खोली गई तो रूपये और स्वर्ण आभूषण के साथ दर्जन भर भक्तों की कृतज्ञता पत्र भी मिला. पत्रों में परिवार की खुशहाली और नौकरी की प्रार्थना के साथ मनोकामना पूरी होने पर कृतज्ञता पत्र भी शामिल है. इन्ही पत्रों में एक भक्त ने लिखा है, हे दंतेश्वरी माई, आपकी कृपा से मेरी मनोकामना पूरी हुई और मुझे बड़ा काम मिल गया. इसके लिए आपका हृदय से धन्यवाद. माई, अपनी कृपा और आशीर्वाद हमेशा मेरे और मेरे परिवार पर बनाए रखना.
दो दिन और जगदलपुर नहीं आएगी कोई भी ट्रेन
जगदलपुर. मल्लीगुड़ा और जरति के मध्य भूस्खलन और 60 मीटर लंबी पटरी नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण गुरुवार से रेल परिवहन पूरी तरह ठप है. लगातार राहत कार्य के बावजूद मार्ग दुरुस्त नहीं हो पाया है. इस कारण विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, राउरकेला और हावड़ा से आने वाली कोई भी ट्रेन 1 अक्टूबर तक जगदलपुर नहीं आएगी और न ही जाएगी. जगदलपुर रेलवे स्टेशन से 90 किमी दूर यह घटना हुई है. शुक्रवार से लगातार 10 क्रेन और 200 मजदूरों से राहत कार्य जारी है. पहले मंगलवार तक मार्ग खुलने और रेल परिवहन शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन घाटी क्षेत्र में पटरी दुरुस्तीकरण कार्य मंगलवार शाम तक पूरा नहीं हो पाया है इसलिए विशाखापट्टनम से किरंदुल आने वाले पैसेंजर नाइट एक्सप्रेस को पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है, वहीं जगदलपुर से क्रमशः हावड़ा, भुवनेश्वर तथा राउरकेला जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को कोरा पुट तक ही चलाया जा रहा है. रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि राहत कार्य जारी है अतः पहली अक्टूबर तक कोई ट्रेन जगदलपुर की तरफ नहीं चलेगी. घाटी क्षेत्र में पटरी दुरुस्त करने का कार्य नहीं हो पाया है इसलिए लौह अयस्क भरकर किरंदुल-बचेली से विशाखापटनम और रायगड़ा की तरफ जाने वाली 40 माल गाड़ियों के पहिए भी थामे हुए हैं.
पैसों के विवाद में बड़े भाई की हत्या
दंतेवाड़ा. पैसों के पुराने लेनदेन को लेकर हुए विवाद में अपने ही भाई की टंगिया से वार कर हत्या करने वाले आरोपी को फरसपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया . पुलिस के अनुसार, मिडकुलनार स्कूलपारा निवासी प्रार्थी रंजीत भोगामी ने 27 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 सितंबर की रात लगभग 11 बजे उसके चाचा मुन्ना भोगामी उनके घर आए और पिता पिसो भोगामी को कमरे में ले गए. सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो दरवाजा खोलकर देखने पर पिसो भोगामी कमरे में मृत अवस्था में मिले और उनके गले पर टांगी से वार के गंभीर निशान थे. घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी फरसपाल एएसआई राजकुमार प्रधान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की. पुलिस की पूछताछ में आरोपी मुन्ना भोगामी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घटना की रात वह जबरन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रहा था, जिसका मृतक ने विरोध किया. दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर भी पुरानी रंजिश चल रही थी, जिससे आवेश में आकर उसने टांगी से वार कर हत्या कर दी. फरसपाल पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी मुन्ना भोगामी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भिजवाया. इस कार्रवाई में सउनि विनोद कुमार एक्का, प्रधान आरक्षक व आरक्षकों ने सहयोग किया.
BJP से भोपेश नेताम का इस्तीफा, MLA और संगठन पर लगाए गंभीर आरोप
कांकेर. नरहरपुर में नगर पंचायत चुनाव के ठीक पहले पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान जनपद पंचायत नरहरपुर के सभापति भोपेश नेताम ने भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है. भोपेश नेताम ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना इस्तीफा सार्वजनिक किया. इस्तीफे के संबंध में जानकारी देते हुए भोपेश नेताम ने कहा कि पार्टी की गतिविधियां अब सोशल मीडिया के माध्यम से ही संचालित हो रही हैं, इसलिए उन्होंने भी अपना इस्तीफा सोशल मीडिया के जरिए दिया है. भोपेश नेताम ने विधायक एवं पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सबसे अधिक तकलीफ उस समय हुई, जब उनकी माता का स्थानांतरण हुआ. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई नेताओं से संपर्क किया, लेकिन किसी ने मदद नहीं की. बाद में एक अधिकारी को डेढ़ लाख रुपये देने के बाद स्थानांतरण रुकवाया गया. उन्होंने भाजपा में जुआ खेलाने वालों को पद दिए जाने का भी आरोप लगाया. भोपेश नेताम ने कहा कि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं हो रहा है, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया. उन्होंने यह भी कहा कि जिस क्षेत्र से वे जनपद सदस्य निर्वाचित हुए हैं, वह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें जनपद अध्यक्ष नहीं बनाया. आगे की राजनीतिक रणनीति के सवाल पर भोपेश नेताम ने कांग्रेस में जाने की संभावना से इनकार नहीं किया. भोपेश नेताम के आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन ने कहा कि यदि नेताम की उपेक्षा होती तो पार्टी उन्हें नगर पंचायत चुनाव में टिकट नहीं देती. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के टिकट पर भोपेश नेताम नगर पंचायत अध्यक्ष बने और जनपद सदस्य निर्वाचित हुए, उसी पार्टी पर अब आरोप लगाना उनकी निजी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. गौरतलब है कि दो दिन पूर्व युवा आदिवासी नेता एवं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके कोमल हुपेंडी ने भी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. जिले में लगातार सामने आ रहे इन राजनीतिक इस्तीफों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.