“डेमरेज” बना अजगर : शराब दुकान के सुपर वाइजर और सेल्समेन से हो रही “डेमरेज” की वसूली, आबकारी विभाग कर्मचारियों का कर रहा शोषण

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार व आबकारी विभाग के अधिकारियों की मनमानी का नया मामला सामने आया है, आबकारी विभाग पहले तो बेहद की निम्न स्तर के शराबों की खरीदी करती है फिर उन्हे शराब दुकानों मे सप्लाई कर दुकान के सुपर वाइजर और सेल्समेन को शराब बेचने मजबूर करती है शराब की बिक्री नहीं होने पर “डेमरेज” का नाम देकर शराब की कीमत  सुपर वाइजर और सेल्समेन के वेतन की कटौती कर वसूली किया जा रहा है|

विभागीय सूत्रों की माने तो राजधानी सहित आसपास के शराब दुकानों मे ऐसे “डेमरेज” शराब जिसको मदिरा प्रेमी फ्री मे भी चखने की हिम्मत नहीं दिखा रहे है उन्हे जबरन शराब दुकानों मे सप्लाई किया गया है, शराब की क्वालिटी बेहद ही निम्न स्तर के है जिसके चलते शराब प्रेमी भी नहीं खरीद रहे है, चुकि शराब की बिक्री नहीं हो रही है ऐसे मे आबकारी के अधिकारी उन शराबों को “डेमरेज” बताकर उसकी कीमत दुकान के सुपर वाइजर और सेल्समेन के वेतन कटौती कर वसूल रही है|

शराब दुकानों मे कार्यरत सुपर वाइजर और सेल्समेन ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सालों से दुकान मे काम करने के बाद भी वेतन सही समय पर नहीं दिया जाता है वही ओवर टाइम का पैसा भी प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा डकार लिया गया है वही आबकारी विभाग “डेमरेज” के नाम पर वेतन की कटौती कर सुपर वाइजर और सेल्समेन का शोषण करने से पीछे नहीं हट रही है|

कर्मचारियों को नहीं मिला ओवर टाइम का पैसा

काँग्रेस व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब दुकान मे कार्यरत कर्मचारियों को तय समय से ज्यादा समय तक काम लिया गया जिन्हे ओवरटाइम के तहत वेतन बढ़कर मिलना चाहिए था मगर वेतन भी समय पर नहीं मिला वही कर्मचारियों के ओवरटाइम का पैसा भी प्लेसमेंट कंपनी द्वारा हजम कर दिया गया| कर्मचारियों द्वारा वेतन विसंगति व ओवर टाइम का पैसा देने की मांग करने पर नौकरी से बाहर कर दिए जाने की धमकी भी दी जाति है जिसके चलते महज बेरोजगार होने के डर से अपना हक मांगने से भी भयभीत है|